इंडियन डेंटल एसोसिएशन ने सीएमओ को पत्र लिखकर लॉकडाउन में डेंटल क्लीनिक में ओपीडी चलाने की अनुमति मांगी थी। इसपर सीएमओ ने अनुमति नहीं दी है। उन्होंने इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है। कहा है कि बगैर अनुमति के कोई शख्स क्लीनिक खोलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन में कोई भी डेंटल क्लीनिक चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। क्लीनिक चलने से संक्रमण का खतरा ज्यादा है इसलिए लॉकडाउन तक केवल कुछ ही अस्पतालों को इमरजेंसी में इलाज करने की अनुमति दी गई है।
इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का भी इलाज हो सकेगा। शहर में 100 से ज्यादा डेंटल क्लीनिक हैं जो लॉकडाउन के बाद से ही बंद हैं। दंत रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इतने लंबे अंतराल में दांत के मरीजों को दवा देना ठीक नहीं है। ऐसे में ओपीडी चलाने की अनुमति प्रशासन को देनी चाहिए थी।