जानकारी के मुताबिक, जिले के 27 थाना क्षेत्रों में साल 2022 में 1,282 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 530 लोगों की जानें गईं और 808 लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच गए। इसी बीच दो दिसंबर 2022 को डीएम ने पीडब्ल्यूडी, यातायात, नगर निगम सहित सभी विभागों के साथ बैठक कर 12 ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर दिए।
तय हुआ कि इन स्थानों पर संकेतक लगाए जाएंगे और हर वह जुगत होगी, जिससे हादसों को रोका जा सकेगा, लेकिन सबक शायद ही किसी ने लिया है। यही वजह है कि हर रोज हादसे हो रहे हैं। लोगों की जानें जा रही हैं। लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। पुलिस नियमों के उल्लंघन का जुर्माना वसूल लेती है, लेकिन आज तक ऐसे इंतजाम नहीं किए जा सके, जिससे हादसों को रोका जा सके।
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इन ब्लैक स्पॉट पर इन वजहों से होते हैं हादसे
- सर्वाधिक हादसे गीडा में दाना-पानी वाले ब्लैक स्पॉट पर होते हैं। हाइवे से तेज गति से भारी वाहन नीचे उतरते हैं। भारी वाहन उतरने की जगह पर ही सड़क पार करने का कट है। इसके कारण दुर्घटना होती है।
- कालेसर ब्लैक स्पॉट पर गोरखपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले वाहन एवं लखनऊ की तरफ से कुशीनगर एवं बिहार जाने वाले वाहन एक-दूसरे को क्रॉस कर आगे बढ़ पाते हैं, जिससे हादसे होते हैं।
- बोक्टा ब्लैक स्पॉट एरिया छोटा बाजार का क्षेत्र है। जहां ग्रामीण क्षेत्र के लोग पैदल एवं साइकिल से आते हैं। सड़क पार करने में अक्सर हादसे हो जाते हैं।
- कसरौल ब्लैक स्पॉट ग्रामीण क्षेत्र है, साइकिल से चलने वाले एवं सड़क पार करने वाले अक्सर हादसे के शिकार होते हैं।
- भीटी रावत ब्लैक स्पॉट गोरखपुर शहर से लखनऊ जाने वाले वाहन एवं सोनौली की तरफ से आने वाले भारी वाहन दोनों एक ही साइड में लेफ्ट लेन में लखनऊ जाने के लिए मिलते हैं। दोनों तरफ से आने वाले वाहन गति अधिक होने के कारण हादसे का शिकार होते हैं।
- नौसड़ ब्लैक स्पॉट काफी भीड़-भाड़ वाला क्षेत्र है। भारी वाहनों का आवागमन अत्यधिक रहता है, जिससे हादसे होते हैं।
- कोनी ब्लैक स्पॉट हाइवे से वाहन को उतरने एवं चढ़ने के लिए किसी प्रकार का कोई अंडरपास या ओवरब्रिज नहीं है। इस कारण हाइवे पर चढ़ते उतरते समय वाहन तेज गति होने के कारण हादसे होते हैं।
- महावनखोर ब्लैक स्पॉट पर हाइवे से सटा हुआ ग्रामीण क्षेत्र है। सड़क पार करने में दुर्घटना हो जाती है।
- रामनगर कड़जहां ब्लैक स्पॉट कुशीनगर एवं बिहार की तरफ से आने वाले वाहन जब हाइवे से उतरते हैं तो पुलिस चौकी के कट के सामने गोरखपुर से देवरिया जाने वाले वाहन एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं, जिससे हादसे होते हैं।
- मोतीराम अड्डा ब्लैक स्पाट पर अक्सर ओवरस्पीड के कारण हादसे होते हैं।
पहले चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट
पीपीगंज, जंगल धूसड़ से पिपराइच, चौरीचौरा भोपा बाजार, बेलो सिघावल, मरचहवा बाबा तिराहा, देवीपुर, रामपुर बुजुर्ग, चवरिया खुर्द, खजांची चौराहा, चौमुखी, भीटी रावत, कसीहार बगहीवीर मंदिर, मचरचही कुटी, रावतगंज, फुटहवा इनार, निबियहवा ढाला आदि।
ट्रैफिक विभाग, आरटीओ, पीडब्ल्यूडी विभाग और एनएचएआई को मिलकर ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीएम कृष्णा करूणेश के साथ एआरटीए की बैठक भी हुई थी। डीएम ने जिम्मेदारों को निर्देश देते हुए कहा था कि नौसड़, बोक्टा, दाना-पानी, भीटी रावत, कसरौल, कसिहार बगहागीर मंदिर, मरचाहे कुटी, रावतगंज, फुटहवा ईनार, निबिहवा ढाला और चौमुखी ब्लैक स्पॉट पर 10 दिनों के अंदर सुधारात्मक कार्रवाई करके रिपोर्ट सौंपें, लेकिन इस तय समय तक अभी तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकी है और ना तो जिम्मेदार रिपोर्ट सौंप सके हैं। जिससे ब्लैक स्पॉट पर हादसे रुकें।
थानाक्षेत्र में हुए हादसे और मौतें
| क्रम |
थानाक्षेत्र |
हादसे |
मौत |
घायल |
| 1- |
बांसगांव |
43 |
12 |
36 |
| 2- |
बड़हलगंज |
47 |
21 |
34 |
| 3- |
बेलघाट |
14 |
03 |
12 |
| 4 |
बेलीपार |
40 |
22 |
30 |
| 5 |
कैंपियरगंज |
62 |
44 |
31 |
| 6 |
कैंट |
85 |
19 |
60 |
| 7 |
चौरीचौरा |
87 |
32 |
45 |
| 8 |
चिलुआताल |
73 |
25 |
52 |
| 9 |
गगहा |
49 |
28 |
31 |
| 10 |
गीडा |
93 |
54 |
54 |
| 11 |
गोला |
39 |
13 |
18 |
| 12 |
गोरखनाथ |
22 |
06 |
14 |
| 13 |
गुलरिहा |
69 |
30 |
36 |
| 14 |
हरपुर बुदहट |
08 |
00 |
09 |
| 15 |
झंगहा |
43 |
19 |
22 |
| 16 |
खजनी |
38 |
18 |
33 |
| 17 |
खोराबार |
106 |
41 |
37 |
| 18 |
कोतवाली |
14 |
03 |
10 |
| 19 |
पीपीगंज |
42 |
22 |
26 |
| 20 |
पिपराइच |
84 |
29 |
67 |
| 21 |
राजघाट |
14 |
05 |
06 |
| 22 |
रामगढ़ताल |
54 |
13 |
39 |
| 23 |
सहजनवां |
56 |
33 |
33 |
| 24 |
शाहपुर |
44 |
20 |
20 |
| 25 |
सिकरीगंज |
26 |
10 |
20 |
| 26 |
तिवारीपुर |
10 |
03 |
09 |
| 27 |
उरुवा बाजार |
20 |
05 |
24 |
| |
कुल |
1282 |
530 |
808 |
फैक्ट फाइल
- 1,282- हादसे हुए साल 2022 में
- 530- लोगों की जान गई एक साल में
- 106- हादसे खोराबार में हुए, जो सबसे अधिक हैं
- 08- हादसे हरपुर बुदहट में हुए, जो सबसे कम हैं
- 44- लोगों की मौत कैंपियरगंज में हुई, जो सबसे अधिक है