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UP News: गोरखपुर बस्ती मंडल में बिजली कर्मियों का कार्य बहिष्कार, नाराज अभियंताओं ने बंद किए CUG नंबर

Wed, 15 Mar 2023 02:03 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

संयुक्त संघर्ष समिति (बिजली निगम) की तरफ से विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया गया। बुधवार को धरना दे रहे अभियंताओं व कर्मचारियों ने अपने आधिकारिक सीयूजी मोबाइल बंद कर दिए। फाल्ट या बिजली संबंधी परेशानी पर उपभोक्ता सीधे संपर्क नहीं कर सकेंगे।
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गोरखपुर में धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर और बस्ती जिले में पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। संयुक्त संघर्ष समिति (बिजली निगम) की तरफ से विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया गया। बुधवार को धरना दे रहे अभियंताओं व कर्मचारियों ने अपने आधिकारिक सीयूजी मोबाइल बंद कर दिए। फाल्ट या बिजली संबंधी परेशानी पर उपभोक्ता सीधे संपर्क नहीं कर सकेंगे। सिर्फ, मुख्य अभियंता, अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं के सीयूजी नंबर ऑन हैं।
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बृहस्पतिवार रात 10 बजे से सभी कर्मचारी 72 घंटे की हड़ताल पर चले जाएंगे। कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली घरों का जिम्मा संविदाकर्मियों के जिम्मे रहने की संभावना है।

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बस्ती में बिजली कर्मियों ने शुरू की हड़ताल

बस्ती में हड़ताल पर कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला।
बस्ती जिले में तीन दिसंबर 2022 को ऊर्जा प्रबंधन के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग को लेकर बिजली कर्मी 11.30 बजे से हड़ताल करते हुए धरने पर बैठ गए। अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव मनोज कुमार यादव ने बताया कि निजीकरण नीति को रद्द करने अनपरा और ओबरा में बिजली उत्पादन की परियोजनाओं का काम राज्य विद्युत उत्पादन निगम को देने की मांग की जा रही है।

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पुरानी पेंशन बहाली और विभागीय कर्मियों को सस्ते दर पर बिजली देने की मांग भी समझौते में शामिल है। हड़ताल के बाद यदि सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो बुधवार रात 10 बजे से 72 घंटे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। बिजली कर्मियों की हड़ताल को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए उपकेंद्र वार मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जा रही है।

महराजगंज में बिजली कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी

महराजगंज में बिजली कर्मियों का कार्य बहिष्कार - फोटो : अमर उजाला।
बिजली निगम के कर्मियों ने अपने 14 सूत्री मांगों को पूरा कराने के लिए कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर दिया है। कर्मियों के कार्य बहिष्कार को देखते हुए किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पर नजर रखने के लिए उपकेंद्रों पर राजस्व कर्मियों को तैनात किया गया है।
 
जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले 30 विद्युत उपकेंद्रों पर नियमित बिजली कर्मियों की ओर से 72 घंटे का कार्य बहिष्कार मंगलवार की रात शुरू कर दिया गया। उप केंद्रों पर संविदा कर्मियों की ओर से संचालन की व्यवस्था देखी जा रही है।

हालात पर नजर रखने के लिए व सुरक्षा के दृष्टिगत प्रशासनिक स्तर से राजस्व व पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। बुधवार को दूसरे दिन भी कर्मियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा है। अधीक्षण अभियंता वाईपी सिंह ने कहा कि जिले में सभी जगह विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। अभी तक कहीं से कोई समस्या सामने नहीं आई है।
 
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देवरिया में विभिन्न मांगों को लेकर बिजली कर्मियों ने शुरू की हड़ताल

देवरिया में बिजली कर्मियों ने शुरू की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला।
अभियंता संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से अधिशासी अभियंता कार्यालय पर 72 घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर तीन दिनों में उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अभियंता पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण का विरोध, विभाग के कर्मचारियों को सस्ती बिजली आदि देने की मांग कर रहे हैं। उधर डीएम ने कार्य बहिष्कार के दौरान होने वाली समस्याओं से पार पाने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर दी है।

पुलिस लाइन के निकट अधिशासी अभियंता कार्यालय पर सुबह से ही अभियंताओं की जुटान होने लगी थी। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंच कार्य बहिष्कार किया। अभियंता संघ के सचिव मनीष प्रजापति ने बताया कि पिछले साल तीन दिसंबर को संघ ने 15 सूत्रीय मांग पत्र शासन को भेजा था। उनमें पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण रोकने आदि की मांग प्रमुख रूप से की गई थी। लेकिन सरकार ने तीन महीने बाद भी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया।

ऐसे में अभियंताओं के सामने धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का ही रास्ता बचा है। अगर हमारी मांगें नहीं पूरी की गईं तो व्यापक तरीके से आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार रात से उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारी भी कार्य बहिष्कार में शामिल होंंगे। ऐसे में अगर कहीं फॉल्ट होता है तो लोगों को बिजली-पानी के लिए तरसना पड़ सकता है।
 
 एडीएम वित्त एवं राजस्व बने नोडल अधिकारी
अभियंताओं के कार्य बहिष्कार के दौरान होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। कोई समस्या होने पर उपभोक्ता 9454417614 पर उप जिला मजिस्ट्रेट से संपर्क कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि नामित नोडल अधिकारी सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के लिए समस्त आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करेंगे।
 
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