उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के भटहट के जहीर के भाई जावेद अहमद मुंबई की एक कपड़ा कंपनी में सात साल से टेलरिंग का काम करते थे। लॉकडाउन में कंपनी बंद हुई तो कई दिनों तक वहीं पर रहे। जब हालात और बिगड़ने लगे और ट्रेनें शुरू हुईं तो वे घर लौट आए।
जहीर बताते हैं कि पिछले 15 दिनों से काम पर लौटने के लिए जावेद के पास कंपनी के अफसरों का फोन आ रहा था। उन्होंने ट्रेन से ज्यादा समय लगने की वजह से संक्रमण का खतरा होने की बात कही तो कंपनी ने अपने खर्च पर फ्लाइट का टिकट भेज दिया। 15 जुलाई को जावेद ने मुंबई की उड़ान भरी।
जावेद जैसे उदाहरण कई हैं। अपने कुशल कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की कई कंपनियां न केवल उनसे लगातार संपर्क कर रही हैं बल्कि फ्लाइट तक का टिकट भेज रही हैं। उधर एयरपोर्ट सूत्रों का भी कहना है कि इधर फ्लाइट से सफर करने वालों में मजदूरों की भी संख्या बढ़ी है।
यही नहीं लॉकडाउन के बीच 20 अप्रैल से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की उड़ान शुरू हुई। धीरे-धीरे दिल्ली की चार फ्लाइटें हो गईं। प्रयागराज, कोलकाता के लिए भी उड़ान शुरू हो गई। तब से लगातार करीब ढाई महीने तक दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद आदि शहरों से आने वाली फ्लाइटों में यात्रियों की संख्या गोरखपुर से जाने वालों की तुलना में अधिक रह रही थीं। मगर पिछले सप्ताह भर से यहां से जाने वाले यात्रियों की संख्या, आने वालों की तुलना में बढ़ गई है।