गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार से गत वित्तीय वर्ष का परीक्षण शुरू हुआ है। सोमवार को दिल्ली एम्स से आई पांच सदस्यीय टीम ने गोरखपुर एम्स के अलग-अलग विभागों में जाकर ऑडिट किया। इस दौरान खर्चों के अलावा विभागों में वित्तीय वर्ष में खरीदे गए उपकरणों की भी जानकारी ली गई। शुक्रवार तक टीम के रहने का अंदेशा है। बताया जा रहा है कि दीक्षांत में हुए खर्च भी जांच में शामिल हैं।
बताया जाता है कि टीम ने अलग-अलग विभागों में उपकरण में अलावा निर्माण कार्यों, मशीनों की खरीद, विभिन्न योजनाओं पर हुए खर्च के फाइल संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से उसका रिकॉर्ड मांगा। संबंधित विभाग में लिखित दस्तावेजों एक अलावा जिम्मेदारों का अलग-अलग बयान भी दर्ज करवाया।
एम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान एम्स में कई महत्वपूर्ण काम कराए गए हैं। इनमें भवन निर्माण, विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक मशीनों की खरीद तथा सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार से जुड़े काम शामिल हैं। इन मदों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा 30 जून 2025 को कराए गए दीक्षांत समारोह में की गई खरीदारी पर कुछ सवाल उठाए गए थे। इसे लेकर भी टीम के जांच करने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि समारोह की तैयारियों के लिए बड़े स्तर पर सामान की खरीद की गई थी।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि ऑडिट एक सामान्य प्रक्रिया है। हर बीते वित्तीय वर्ष में इसे किया जाता है। इसके लिए टीम आई है और प्रक्रिया चल रही है।