अयोध्या में विवादित ढांचे को ध्वस्त करने के मामले में बुधवार को आने वाले अदालत के फैसले के मद्देनजर जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। जिले में संवदेनशील स्थानों और कस्बों में पुलिस पिकेट लगाई जाएगी।
सीओ कोतवाली और सीओ गोरखनाथ के नेतृत्व में ड्रोन टीम सक्रिय रहेगी और संवेदनशील स्थानों की निगरानी करेगी। रिजर्व पुलिस लाइंस और थानों में फोर्स को रिजर्व में रखा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने शांति सुरक्षा समितियों के साथ बैठक कर ली थी। संवेदनशील इलाके के थानेदार दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत करते हुए, उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि अदालत का जो भी फैसला आए उस पर हर हाल में शांति कायम होनी चाहिए।
वहीं, उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस को तैयार किया गया है। पुलिस ने मौके का गलत फायदा उठा सकने वालों को पहले ही पाबंद कर लिया है। ऐसे लोगों से साफ कहा है कि अगर शांति में खलल होगी तो इसके लिए वही जिम्मेदार माने जाएंगे।
एसपी सिटी डा. कौस्तुभ ने बताया कि शहर में 90 चौराहों पर पुलिस पिकेट लगी है। कुछ और चौराहों पर फोर्स लगाई गई है। पीएसी को भी रिजर्व रखा गया है। संवेदनशील इलाकों की ड्रोन कैमरों से निगरानी कराई जाएगी। सीओ अपने सर्किल में तो थानेदार और चौकी इंचार्ज अपने इलाके में भ्रमण करते रहेंगे। किसी भी सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर जाएगी।