गीडा थाना क्षेत्र के औद्योगिक विकास प्राधिकरण सेक्टर 13 गीडा में स्थित एआरपी फैक्ट्री के मजदूर की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। श्रमिक यूनियन ने शव रखकर गेट पर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि तीन महीने से वेतन न मिलने की वजह से श्रमिक परेशान था और इसी सदमे में उसकी जान गई है। घंटों मशक्कत के बाद मौत की वजह जानने के लिए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने मुआवजे की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, सहजनवां इलाके के वली गांव निवासी राम नौकर (56) एआरपी फैक्ट्री में काम करते थे। बृहस्पतिवार शाम 5:30 बजे के करीब कार्य कर फैक्ट्री प्रबंधन से तीन माह के बकाया वेतन के लिए बात कर रहे थे कि अचानक उनके सीने में दर्द उठा और दवा लेने की बात कह कर फैक्ट्री से बाहर निकले।
अभी फोरलेन स्थित बोक्टा चौराहे पर पहुंचे ही थे कि अचानक जमीन पर गिर पड़े। इसकी सूचना मिलते ही फैक्ट्री में मौजूद श्रमिक दौड़कर पहुंचे तब तक श्रमिक की सांसे रुक चुकी थी। फैक्ट्री कर्मचारियों द्वारा इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची गीडा पुलिस व श्रमिकों के बीच घंटों वार्ता के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं कर्मचारी संघ अध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने फैक्ट्री प्रबंधन पर आरोप लगाते कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा श्रमिकों का तीन माह से मानदेय नहीं दिया गया है।
फैक्ट्री से काम करके कर्मचारी घर जा रहा था। बोक्टा चौराहे के पास उसकी स्वाभाविक मौत हुई है।
- मोहम्मद आजम खान, प्रोपराइटर एआरपी
मृतक के पुत्र की सूचना पर श्रमिक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश सिंह यादव, एसएचओ गीडा