देवरिया जिले के भागलपुर पिंडी मार्ग पर रेवली चौराहे के समीप शुक्रवार को तेज रफ्तार डंपर की चपेट से एक शख्स की मौत हो गई। नाराज लोगों ने रेलवे ट्रैक के सामने बुलडोजर खड़ा कर दिया। परिजनों के लिए पच्चीस लाख रुपये व एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा कर ट्रैक को खाली कराया। इसके बाद परिजन शव को दरवाजे पर रख मुआवजे की मांग करने लगे। पहुंचे तहसीलदार से परिजन डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे।
लार थाना क्षेत्र के रेवली गांव निवासी शैलेश मिश्रा (55) चार भाइयों में सबसे बड़े थे। गांव स्थित चौराहे पर हार्डवेयर की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के मुताबिक, घर से लार जाने की बात कह निकले। रेवली चौराहा के समीप मिट्टी गिरा भागलपुर की तरफ से आ रहे डंपर की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद चालक गाड़ी छोड़ भाग निकला। नाराज ग्रामीण रेवली ढाला पहुंचे और बुलडोजर खड़ा कर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। तकरीबन एक घंटे तक ट्रैक जाम रहा। मय फोर्स पहुंचे मईल एसओ अनिल कुमार ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। लार पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो ग्रामीणों से तीखी नोकझोंक हुई।
लोगों के तेवर देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। शव को दरवाजे पर रखने की जानकारी पर पहुंचे तहसीलदार शैलेंद्र कुमार ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। परिवार के लोग घटना स्थल पर डीएम-एसपी को बुलाने की मांग पर डटे रहे। समाचार लिखे जाने तक शव दरवाजे पर ही रखा गया था। उधर, पति की मौत से बदहवास हुई पत्नी किरण देवी होश आने पर दहाड़े मार कर रो रही थी।
शैलेश मिश्रा का बेटा राजन मिश्रा, बेटी राधा मिश्रा, रिया मिश्रा हैं। पिता की मौत से सभी बेसुध हैं। तहसीलदार शैलेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों को काफी समझाया-बुझाया गया है। परिवार के लोग डीएम-एसपी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग कर रहे हैं। इसकी सूचना अधिकारियों को दे दी गई है। एसओ मईल अनिल कुमार ने बताया कि ग्रामीण रेलवे ट्रैक पर बुलडोजर खड़ा कर जाम लगाए थे। उसे फौरन हटवा दिया गया।