महराजगंज के फरेंदा तहसील के धानी क्षेत्र के बढ़ुली ताल में बुधवार की रात मछली मारने गए तीन युवको की डूबने से मौत हो गई। जिसमें दो युवको में प्रमोद व बलराम के शव को गुरुवार को दिन में एनडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया था।
काफी प्रयास के बाद भी तीसरे युवक की लाश नहीं मिल सकी थी। शुक्रवार की सुबह मछुआरो की नजर ताल के किनारे एक उतराती हुई शव को देखा तो पहचान धर्मेद्र के रूप में की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि धानी क्षेत्र के कानापार निवासी प्रमोद ,बलराम व धर्मेद्र एक बाइक पर सवार होकर रात में करीब नौ बजे बढ़ुली ताल में मछली मारने गए थे। जहां पर बाइक को खड़ा कर नाव पर सवार होकर ताल में मछली मारने चले गए। उसी दौरान तेज आंधी तूफान आने के कारण नाव डूब गई जिसमें तीनो की डूबने से मौत हो गई।
गुरुवार को पुलिस की सूचना पर एनडीआरफ व पीएसी की टीम ताल में तीनो के शव की तलाश में जुट गए। दोपहर तक दो के शव मिले थे लेकिन धर्मेद्र का शव देर रात नही मिला तो टीम वापस लौट गई। शुक्रवार की सुबह मछुआरो की नजर ताल के किनारे उतराती हुई लाश पर पड़ी। बाहर निकाले तो उसकी पहचान धर्मेद्र के रूप में की गई।
धर्मेद्र की लाश मिलते ही परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे। इस संबंध में सीओ अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि तीसरे युवक का भी शव मिल गया जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।