गोरखपुर। भ्रष्टाचार के मामले में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के तत्कालीन पटल सहायक डॉ. बृजनाथ सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली है। विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रवीण कुमार सिंह ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग किया और रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए जमानत प्रदान करना न्यायोचित नहीं है। अर्जी खारिज होने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इधर, भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने मामले में आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि बीते 18 सितंबर को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने डीडीयू के प्रशासनिक भवन परिसर में आरोपी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कुशीनगर जिले के तमकुहीराज स्थित कॉलेज के पदाधिकारी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया था। ब्यूरो