प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को 70वां जन्मदिन मनाएंगे। ऐसे में गोरखपुर में इसे अनोखे अंदाज में मनाया जाएगा। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विश्वविद्यालय समेत जिले के अन्य महाविद्यालयों में पीपल के पौधे लगाए जाएंगे।
इसमें गोरखपुर विश्वविद्यालय में 71 और जिले के 339 महाविद्यालयों में दो-दो पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे। विश्वविद्यालयों को पीपल के पौधे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सौंपी गई है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि जिले में कुल 701 पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे, जिसमें से 71 दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर में लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अधिकतर पेड़ दिन में ऑक्सीजन छोड़ते और कार्बनडाइआक्साईड ग्रहण करते हैं। रात को सभी वृक्ष कार्बन-डाइआक्साईड छोड़ते एवं आक्सीजन लेते हैं। इन्हीं कारणों से रात को वृक्ष के नीचे सोने से मना किया जाता है। लेकिन पीपल एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो 24 घंटे आक्सीजन ही छोड़ता है।
सनातन हिन्दू धर्म में पीपल वृक्ष का बहुत महत्व है। इसे विश्व वृक्ष, चैत्य वृक्ष और वासुदेव भी कहा जाता है। मान्यता है कि पीपल के पत्ते पत्ते में देवताओं खास कर विष्णु भगवान का वास होता है।