अब विद्यार्थी, शिक्षक और संसाधनों का पूरा ब्योरा नहीं देने वाले डिग्री कॉलेजों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। शासन की सख्ती के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने 15 जून तक जियो टैकिंग स्टैंडर्ड डेटा फार्मेट की फिडिंग का मौका दिया है। जो कॉलेज इस अवधि में ब्योरा नहीं देंगे उनके यहां के विद्यार्थियों का कॉलेज और परीक्षा में प्रवेश प्रतिबंधित होगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध 341 डिग्री कॉलेज गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर के हैं। इसमें से अभी तक मात्र 105 डिग्री कॉलेजों ने अपने यहां का ब्योरा ऑनलाइन विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद की ओर से यह डेटा पहले 30 मई तक मांगा गया था। लेकिन कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए इसे बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है।
इसके बाद कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश ने 12 जून को सभी कॉलेजों के प्राचार्य को पत्र लिखकर 15 जून तक ब्योरा देने को कहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जो भी कॉलेज इस अवधि में अपने यहां का पूरा ब्योरा निर्धारित फार्मेट पर नहीं देंगे, वे खुद जिम्मेदार माने जाएंगे। जो डेटा नहीं भेजेंगे उनके यहां का प्रवेश मान्य नहीं होगा।