स्नातक प्रथम सेमेस्टर के माइनर पेपर में कला संकाय के बाहर नहीं लगा था सीटिंग प्लान
समय से नहीं बना सीटिंग प्लान, परीक्षा कक्ष ढूंढने के लिए भटकते रहेे छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के कला संकाय में शनिवार को स्नातक वर्ग के प्रथम सेमेस्टर के माइनर पेपर में सीटिंग प्लान नहीं लगे होने के कारण छात्रों को आधे घंटे तक भटकना पड़ा। स्नातक के प्रथम सेमेस्टर का फैशन डिजाइनिंग एंड क्रॉप डिजाइनिंग, फैशन एसेसरीज और एजुकेशन इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी का माइनर पेपर सुबह 11:30 से 1 बजे तक आयोजित था लेकिन सीटिंग प्लान नहीं होने के कारण परीक्षा 12 बजे के बाद शुरू हुई।
सीटिंग स्लीप चस्पा नहीं होने के कारण छात्र आधे घंटे तक इधर-उधर परीक्षा का कमरा पूछते रहें। शोर और हंगामा होने पर जिम्मेदारों ने 12 बजे के बाद उन्हें बिना सीटिंग प्लान के कमरा संख्या 201 से आगे तक बैठने को कहा गया। सीटिंग प्लान और बैठने का स्थान निर्धारित नहीं होने के कारण 5 से 6 छात्रों को एक सीट पर बैठना पड़।
कक्षा में बैठने की जगह नहीं मिलने के कारण कुछ छात्रों को खड़े होकर परीक्षा देनी पड़ी। छात्रों का कहना है कि परीक्षा 11:30 से 1 बजे तक थी, लेकिन संकाय के बाहर कमरा संख्या का नोटिस नहीं लगा था जिस कारण हमारा समय बर्बाद हुआ। साथ ही जिस कमरे में बैठाया गया वहां की सीट टूटी थी। कुछ कमरों में कक्ष निरीक्षक ने कॉपियों पर हस्ताक्षर भी नहीं किए। जिस कारण भी छात्र परेशान रहे।
कोट
परीक्षा देने वाले छात्रों का डाटा विलंब से मिलने के कारण सीटिंग प्लान समय से नहीं हो पाया था जिसके चलते कुछ देर उहापोह की स्थिति बनी रही। इसकी जानकारी होते ही बच्चों को कमरे में स्थान दिलाया गया।
- प्रो सतीश पांडेय, प्राक्टर
आज सुबह की परीक्षा में सीटिंग प्लान बाहर नहीं लगाया गया जिस कारण हमारा बहुत समय बर्बाद हो गया। बाद में कमरा नंबर 201 से कहीं भी बैठने को कहा गया।
- रवि गुप्ता, बीए प्रथम सेमेस्टर
परीक्षा में इस तरह की लापरवाही से हमारा समय नुकसान होता है। हाल में बैठने के लिए भाग दौड़ मची थी। जगह नहीं मिलने से खड़े होकर परीक्षा दिया।
- अमित यादव, बीए प्रथम सेमेस्टर
11:30 से पेपर था, फोन नहीं था तो पता नहीं कितने समय तक हम क्लास के लिए दौड़े। किसी तरह से पेपर हुआ है। एक सीट पर 6-6 लोगों ने बैठ कर परीक्षा दी। जिस कारण से लिखने में ज्यादा दिक्कत आई।
- गौरव पांडेय, बीए प्रथम सेमेस्टर
इस तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। परीक्षा के पहले माहौल अशांत होने से पेपर पर असर पड़ता है। पिछले पेपर में कबूतर की गंदगी के पास बैठा था इस बार खड़े होकर पेपर दिया हूं।
- दिव्यांश सिंह, बीए प्रथम सेमेस्टर