गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों व मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग पर नए सत्र से पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा। प्लास्टिक मुक्त निगरानी समिति (टास्क फोर्स) भी बनाई जाएगी।
राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर विश्वविद्यालयों के परिसर, प्रशासनिक भवनों, विभागों, छात्रावासों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में प्लास्टिक की बोतल, कप, प्लेट, चम्मच, पॉलिथीन बैग समेत सभी प्रकार के सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। विश्वविद्यालयों की कैंटीन, छात्रावासों व विभिन्न कार्यक्रमों में प्लास्टिक के स्थान पर मिट्टी के कुल्हड़, कागज या पत्तों से बने बर्तन, जूट एवं कपड़े के थैले तथा कांच एवं स्टील के बर्तनों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को प्लास्टिक मुक्त परिसर की शपथ दिलाई जाएगी। परिसर में जागरूकता के लिए बोर्ड एवं होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे। गीले-सूखे कचरे का अलग-अलग निस्तारण किया जाएगा। रिसाइक्लिंग की भी सुविधा होगी।
विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कुलाधिपति के निर्देश का पालन करते हुए विश्वविद्यालय को प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ एवं हरित परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा।
-प्रो. पूनम टंडन, कुलपति,डीडीयू
परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित कर मिट्टी के कुल्हड़, कागज या पत्तों से बने बर्तन, जूट एवं कपड़े के थैले, कांच एवं स्टील के बर्तनों का उपयोग किया जाएगा।
-प्रो. अनुपमा कौशिक, कुलपति, एमएमएमयूटी