दस्तावेज में अगर जन्मतिथि गलत हो गई है तो इसे संशोधित कराने में आधारकार्ड ही पर्याप्त है। आधार और दस्तावेज के बीच तीन साल का अंतर होने पर आधार को वैध दस्तावेज मानते हुए जन्मतिथि की गड़बड़ी को ठीक कर दिया जाएगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय आयुक्त मनीष मणि ने कहा कि खाताधारकों के जमा दस्तावेज में अगर गड़बड़ी है तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे सभी सदस्य जिनके दस्तावेज और आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि में तीन वर्ष से कम का अंतर है, वे सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कहा कि ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किए जाने से ईपीएफओ को यूआइडीएएआई के माध्यम से जन्मतिथि को तत्काल सत्यापित करने में सहायता मिलेगी और आवेदनों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा।
पहले आधार कार्ड को साक्ष्य मानते हुए जन्मतिथि में सिर्फ एक साल तक के अंतर में सुधार किया जाता था। इससे अधिक का अंतर होने पर खाताधारक का मेडिकल कराने के साथ ही एफिडेविट के साथ ही अन्य दस्तावेज मांगे जाते थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है।