आपदा विशेषज्ञ के अनुसार, दामिनी एप में अलर्ट आने के बाद पेड़ों के नीचे और खुले खेत में न जाएं। इस दौरान धातु से बने बर्तन न धोएं और नहाने से बचें। किसी मकान में चले जाएं। यदि कोई मकान उपलब्ध न हो तो खुली जगह पर ही घुटनों के बल कान बंद करके बैठ जाएं। बिजली चमकने पर छाते का इस्तेमाल न करें। हाइटेंशन तारों और टावर से दूरी बनाएं।
इसे भी पढ़ें: वंदे भारत की बढ़ाई जाएगी सुरक्षा, डिपो में होगी क्षतिग्रस्त कोच मरम्मत
बीते साल आठ लोगों की हुई मौत
जिला प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार 2022-23 में बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत हुई। इसके पूर्व 2021-22 में पांच लोगों की जान गई थी। सभी मृतकों के परिजनों को प्रशासन की ओर से चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गई थी।
जिला आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि गूगल प्ले स्टोर पर सचेत और दामिनी एप मौजूद हैं। इसे डाउनलोड करके संभावित खतरे को टालने में मदद मिलेगी। बरसात के दिनों में बिजली गिरने से होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा।