शासन से साइबर थाना की मंजूरी मिलने के बाद इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। पुलिस लाइंस में यह थाना खोला जाएगा। शुरुआती दौर में इसमें पहले से ट्रेनिंग लेकर आए इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर और आरक्षियों की तैनाती की जाएगी। पिछले साल गोरखपुर जिले में साइबर क्राइम के 237 मामले दर्ज किए गए थे।
जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं। थाने पर जाने पर मामला साइबर अपराध का होने पर उसे टाल दिया जाता है। इसे देखते हुए एसएसपी ने दस प्रमुख थानों पर डीजीपी के आदेश पर एक दरोगा और एक सिपाही की तैनाती की थी लेकिन इसी बीच शासन से साइबर थाने की मंजूरी मिल गई। जोन स्तर पर स्थापित होने वाले इस थाने की शुरुआत पुलिस लाइंस से की जा रही है। डीआईजी राजेश मोदक ने बताया कि पुलिस लाइंस में साइबर थाना खोला जाएगा। इससे साइबर अपराध के मामले जल्दी सुलझेंगे और लोगों को न्याय मिल सकेगा।