ऑनलाइन एप की भी गजब महिमा है। गोरखपुर में एम्स थाना अभी नहीं बना है, लेकिन वह यूपी कॉप एप पर संचालित दिखाई दे रहा है। वहीं, साइबर थाना अस्तित्व में है, लेकिन वह यूपी कॉप एप पर नजर नहीं आ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस की मदद जनता को त्वरित मिल सके इसके लिए थानों की सीमा में बदलाव किया गया है। इसके अलावा नए थाने भी खोले जा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद जिले के 120 किमी लंबे ग्रामीण इलाकों को एसपी दक्षिणी और एसपी उत्तरी के रूप में दो एडिशनल एसपी का पद किया गया। इससे पहले एक ही एडिशनल एसपी के तहत पूरा इलाका आता था।
इसके साथ ही सीओ का सर्किल भी बढ़ाया गया। उद्यमियों की मांग के मद्देनजर गीडा थाना तथा शहर में रामगढ़ताल थाने का नोटिफिकेशन किया गया। दोनों थाना काम कर रहे हैं। हालांकि इनके भवन का निर्माण जारी है। इसी के साथ साइबर के मामलों के लिए साइबर थाना बनाया गया। वहीं, बच्चों से जुड़े अपराध और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए एएचटीयू थाना अस्तित्व में आया है।
एम्स के निर्माण के साथ ही एम्स थाने की भी घोषणा हुई। नोटिफिकेशन भी जारी हो गया, लेकिन यह थाना अभी धरातल पर नहीं आ पाया है। मगर यूपी कॉप एप पर गोरखपुर में एम्स थाना अस्तित्व में आ चुका है। अभी एम्स में सिर्फ चौकी चल रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार की ओर से एम्स प्रशासन को पत्र लिखकर जल्द भवन की मांग की गई है, ताकि थाने की शुरुआत की जा सके।
नौ ग्राम पंचायतों के लिए होगी नई रिपोर्टिंग चौकी
चिलुआताल इलाके के उत्तर-पश्चिम दिशा में बसी आबादी के लिए सिक्ट्रौर-बालापार रिपोर्टिंग चौकी खोली जा रही है। इसमें नौ ग्राम पंचायतें शामिल की गईं हैं। जिनमें मानीराम, सोनबरसा, रहमतनगर, चिउटहां, बालापार, सिक्ट्रौर, बैजनाथपुर, देवीपुर और परमेश्वरपुर शामिल हैं। अब इन गांवों या टोले के लोगों को मुकदमा दर्ज कराने के लिए चिलुआताल थाने नहीं जाना होगा। सिक्ट्रौर-बालापार रिपोर्टिंग चौकी में ही इनके मामले की सुनवाई होगी। यहीं एफआईआर दर्ज की जाएगी। यहां एक अलग से जीडी रखी जाएगी। रिपोर्टिंग चौकी का नोटिफिकेशन हो गया है। भवन की तलाश चल रही है। सिक्ट्रोर-मानीराम क्रासिंग के पास चौकी बनने की संभावना है।
डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि एम्स थाने का नोटिफिकेशन होने की वजह से यूपी कॉप पर नजर आ रहा है। एम्स परिसर में ही थाना बनना है इसके लिए एम्स प्रशासन को पत्र लिखा गया है। भवन मिलते ही थाने की शुरुआत कर दी जाएगी। चिलुआताल थाने के तहत खुलने वाली सिक्ट्रौर-बालापार रिपोर्टिंग चौकी के लिए भी भवन की तलाश की जा रही है।