लॉकडाउन में घर बैठे कुछ लोग ऑनलाइन आमदनी और शराब की लालच में कमाई के रुपये गंवा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान साइबर अपराध के मामलों में तीन गुना का इजाफा हुआ है। इसे लेकर डीजीपी ने कड़ा आदेश जारी करते हुए पुलिस से कहा है कि वह लोगों को जागरूक करे। किसी भी माध्यम से आए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई कर लोगों को साइबर अपराध से बचाए।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर जिले में एक महीने के भीतर 50 से अधिक मामले साइबर अपराध के सामने आए हैं, जो सामान्य से तीन गुना है।
केस 1
झंगहा इलाके के रामप्रताप ने ऑनलाइन शराब के चक्कर में एक हजार रुपये गंवा दिए। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर उन्होंने ऑनलाइन भुगतान किया। खाते से पैसे कट गए। ना तो शराब ही मिली और ना ही रुपये वापस हुए। शिकायत के बाद से पुलिस जांच कर रही है।
केस 2
केंद्र सरकार की ओर से सरकारी मदद भेजे जाने के नाम पर बेलघाट इलाके की मालती के खाते से रुपये निकाले गए। मालती के पास फोन आया और मदद की बची रकम भेजने के नाम पर डिटेेल लेकर खाते से रुपये निकाल लिए गए।
बचाव को यह करेगी पुलिस
-तहसील, थाना, चौकी, एटीएम केबिन में जागरूकता के संदेश लिखे पोस्टर चस्पा होंगे
-बैंक, डाकघर आदि जगहों पर पर्चा बंटवाया जाएगा
-डिजिटल वालिंटयर ग्रुप, सोशल मीडिया एवं मीडिया सेल की मदद से प्रचार प्रसार होगा
-रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा किया जाएगा
इस तरह कर रहे जालसाजी
-प्रधानमंत्री केयर फंड के नाम पर
-रोजमर्रा के सामानों के ऑनलाइन डिलिवरी में
-शराब की ऑनलाइन बिक्री के माध्यम से
-करोड़पति, लखपति बनने के नाम पर ऑनलाइन फर्जी क्वीज के माध्यम से
-खाते में सरकारी मदद भेजने के नाम पर
सावधान- पहले तस्दीक करें, फिर आगे बढ़ें
फोन या इंटरनेट पर कोई भी आपके फायदे की बात करें उस पर यकीन न करें। जिस संबंध में आपको लुभावना ऑफर दिया गया है, उसके बारे में पक्की जांच पड़ताल कर लें। इसके अलावा अपने बैंक एकाउंट, क्रेडिट कार्ड आदि का पिन नंबर, वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) या कोई भी जानकारी किसी भी हाल में किसी को न बताएं।
सीओ क्राइम प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराध के मामले बढ़े हैं। इसे देखते हुए डीजीपी के आदेश पर सभी थाना, चौकी को कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा साइबर सेल भी इस पर काम कर रही है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।