दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य का सीआरएस करेंगे निरीक्षण
गोरखपुर। गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर रेल दोहरीकरण परियोजना के तहत उनौला से पिपराइच स्टेशन (7.38 किमी) के बीच नवनिर्मित दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत कार्य पूरा हो गया है। सोमवार को उत्तर पूर्व सर्किल के रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना इस रेल खंड का निरीक्षण करेंगे और स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर ट्रायल किया जाएगा।
गोरखपुर कैंट से पनियहवा के रास्ते वाल्मीकिनगर रूट पर डबल लाइन पांच चरणों में बिछानी है। पहले चरण में इस साल गोरखपुर कैंट से पिपराइच तक 16.09 किमी लंबाई में दूसरी लाइन बिछाई जा रही है। इसी क्रम में उनौला से पिपराइच के बीच कार्य पूरा हुआ है। स्पीड ट्रायल के बाद इस रूट पर अप और डाउन लाइन हो जाएगी और ट्रेनें सरपट दौडेंगी।
एनईआर के सीपीआरओ सुमित कुमार ने आमजन से अपील की है कि निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल के दौरान रेलवे ट्रैक पर न तो स्वयं जाएं और न ही अपने पशुओं को जाने दें। यह खतरनाक हो सकता है।
बढ़ जाएगी ट्रेनों की गति
गोरखपुर कैंट से वाल्मीकिनगर रूट पर बगहा, बेतिया, नरकटियागंज होते हुए बिहार और नेपाल बॉर्डर से जुड़े इलाके की ट्रेन आती हैं। रोजाना करीब 30 ट्रेन और 25 मालगाड़ियां गुजरती हैं। सिंगल रेल लाइन होने के कारण ट्रेनों को सिग्नल के अभाव में स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ता है। इससे ट्रेनों की औसत स्पीड भी कम हो जाती है। डबल लाइन के बिछ जाने से ट्रेनें फुल स्पीड में सरपट दौड़ेंगी।