गोरखपुर शहर के 11 और चौराहे हाईटेक किए जाएंगे। स्मार्ट एंड सेफ सिटी योजना के तहत नगर निगम शहर के इन चौराहों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाएगा। इसके लिए करीब 37 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इसे स्मार्ट सिटी योजना के तहत शासन को भेज दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने जिन शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में चुना है, उनमें गोरखपुर भी शामिल है। योजना के तहत प्रत्येक जिले को शासन की ओर से 50 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। इसी क्रम में नगर निगम ने शहर के 11 चौराहों को हाईटेक करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया है।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद का कहना है कि शहर में पहले से नौ चौराहों को आईटीएमएस सिस्टम से लैस किया जा चुका है। इसको विस्तार देते हुए 11 और चौराहों का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 37 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।
इन चौराहों पर लगेंगे आईटीएमएस
कूड़ाघाट तिराहा, अग्रसेन तिराहा, बरगदवां तिराहा, खजांची चौक, पादरीबाजार चौक, यूनिवर्सिटी चौक, आंबेडकर चौक, छात्रसंघ चौक, शास्त्री चौक, यातायात तिराहा और असुरन चौक।
360 डिग्री पर घूमने वाले लगेंगे कैमरे
चीफ इंजीनियर ने बताया कि इसमें लगने वाले कैमरे 360 डिग्री पर घूम सकते हैं। ऐसे में आने वाले समय में इनका इस्तेमाल शहर की सुरक्षा व्यवस्था में किया जा सकता है। इसके अलावा इन सिस्टम के ऊपर अन्य कैमरे भी लगाए जा सकते हैं।
क्या है आईटीएमएस
इस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत शहर के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से जेब्रा क्रासिंग को पार करने पर ऑटोमेटिक ई-चालान हो जाएगा। इसके साथ ही सीट बेल्ट न लगाने, ड्रिंक एंड ड्राइव, ओवरस्पीड पर ऑटोमेटिक वाहन चालक और वाहन की नंबर प्लेट पर फोटो क्लिक होकर ई-चालान घर पर पहुंच जाएगा।
इन मामलों में काम करेगा यह सिस्टम
- इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होगा।
- चौराहों की री- इंजीनियरिंग होने के बाद ट्रैफिक के नियम तोड़ते ही वाहन का ऑटोमेटिक चालान फीड होगा।
- हेलमेट नहीं पहनने वाले दो पहिया चालकों को कैमरा खुद चिह्नित कर सर्वर तक इसकी सूचना देगा। इसके बाद वाहन का चालान हो जाएगा।
- यह चालान रसीद डाक से वाहन मालिक के घर पहुंच जाएगा।
- इमरजेंसी में ट्रैफिक डायवर्जन से लेकर अनाउसमेंट तक किया जाएगा।
- सीसीटीवी कैमरों के सामने से निकलने वाले प्रत्येक वाहन को स्कैन कर पूरा डाटा सर्वर में फीड हो जाएगा।