- पोस्टमार्टम पैनल की सदस्य डाॅ. अनीता सिंह राजपूत से बचाव पक्ष की जिरह पूरी
गोरखपुर। जिला अस्पताल से अपहृत 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और हत्या के मामले में सोमवार को पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकीय पैनल की सदस्य डाॅ. अनीता सिंह राजपूत की गवाही और बचाव पक्ष की जिरह पूरी हो गई। इससे पहले दूसरे पोस्टमार्टम चिकित्सक डाॅ. प्रिंस गुप्ता से भी जिरह पूरी हो चुकी है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो शमीम अहमद अंसारी की अदालत ने शेष साक्ष्य के लिए 27 अक्तूबर की तारीख नियत की है।
मामला 28 जुलाई 2026 का है। कोतवाली क्षेत्र में परिवार के साथ रहने वाली 10 वर्षीय बालिका जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को भोजन देने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान डायल-112 में तैनात रहे सिपाही अभिषेक यादव उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। दो दिन बाद, 30 जुलाई को बालिका का शव चिउटहा में रोहिन नदी के किनारे मिला था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। कोतवाली थाना प्रभारी ने विवेचना पूरी कर 187 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। इसके आधार पर आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। अब तक बालिका के पिता और बड़ी बहन समेत आठ गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं। बचाव पक्ष की ओर से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बृजेश सिंह और डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल भगत गौड़ ने दोनों चिकित्सकों से जिरह की।