सिक्टौर के बेलदारी टोला में सोमवार को जयप्रकाश मिश्रा (40) को अगवा करके ईंट से कूंचकर हत्या कर दी गई। किसी को शक न हो, इस लिए आरोपितों ने खुद के घर में शव को दफनाकर ऊपर से टायर रख दिया था। सोमवार की रात सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के बताने पर शव को आरोपित राममिलन के घर से बरामद किया। जयप्रकाश की पत्नी रितू मिश्रा की तहरीर पर राममिलन, जोगिंदर उर्फ अंडा और बहादुर पर पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में केस दर्ज किया है। मौके पर फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। दो संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और नामजद तीनों आरोपितों को तलाश रही है।
थाने में दर्ज केस के मुताबिक, महराजगंज के पनियरा थाना क्षेत्र के मुजुरी निवासी जयप्रकाश मिश्रा चिलुआताल में किराए के कमरे में परिवार के सदस्यों के साथ रहते थे। सोमवार को पत्नी बच्चे के साथ नेपाल में किसी रिश्तेदार के घर चली गई थीं। उसी बीच सूमो सवार राममिलन, जोगिंदर, बहादुर आए और जयप्रकाश को उठा ले गए। सोमवार की देर शाम घर लौटी पत्नी को पति के साथ हुई घटना की जानकारी हुई तो उसने पुलिस को सूचना दी।
सीओ कैंपियरगंज दिनेश कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने शक के आधार पर राममिलन के घर पहुंच गई। राममिलन के घर के पास मौजूद पांच साल की बच्ची ने पूरी घटना पुलिस को बता दी और उस जगह को भी दिखाया, जहां शव को दफनाया गया था। बच्ची ने घटना को देखा था। आरोपित नशे में होने की वजह से बच्ची को नहीं देख पाए थे। पुलिस ने उस जगह खुदाई कराई तो शव मिल गया।
पुलिस के मुताबिक, युवक को शराब के नशे में राममिलन और उसके साथियों ने खूब पीटा और फिर सीने और सिर पर ईंट से वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद बचने के लिए शव को दफन कर दिया। रात में ही कमरे की रंगाई पोताई करा दी और जहां शव दफन था, वहां कई पुराने टायर रख दिए।
सीओ कैंपियरगंज दिनेश कुमार सिंह ने बताया- राममिलन और उसके साथी आसपास गाड़ी से घूमते थे और फिर मदद के बहाने लोगों को गाड़ी में बैठाकर छिनैती करते थे। जयप्रकाश भी राममिलन के साथ था। किसी रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपितों ने घटना को अंजाम दिया है। पुलिस हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में तीन पर केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है।