वहीं रविवार को आई एक खबर ने पूरे गांव के लोगों को हैरत में डाल दिया। गांव में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कभी किसी से मतलब न रखने वाले मो. राशिद के इरादे इतने खतरानक हो गए कि वह देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो गया। अब देखना है कि एसटीएफ के सामने और कितने राज खुलेंगे। लोगों में यह भी चर्चा रही कि राशिद गांव के लोगों से एकदम ताल्लुकात नहीं रखता था। लोगों को उसके बारे में तब जानकारी होती थी, जब वह गांव आता-जाता दिखता था। इसके अलावा वह किसी से मतलब नहीं रखता था।
प्रतिदिन इटवा आता जाता था राशिद
लोगों के मुताबिक, मुंबई से आने के बाद राशिद सुबह घर से निकलता था और फिर शाम को ही वापस लौटता था। कुछ लोगों को लगा कि कहीं आसपास काम कर रहा है। बाद में लोग को जानकारी हुई कि वह इटवा जाता है लेकिन उसके काम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
अब सवाल यह उठता है कि एसटीएफ ने दावा किया है कि मो. राशिद पीएफआई का कमांडर है। वह नए लड़कों को बरगलाकर आतंकी गतिविधि से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्हें आतंक की राह पर चलने के लिए प्रशिक्षित करता था। अगर ऐसा हुआ तो इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। इटवा के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में लोग एक दो आतंकी मिल चुके हैं। हालांकि पूछताछ जारी है, जल्द ही सारी बातें सामने आ जाएगी।