पहचान मिटाने के लिए चेहरा विकृत कर दिया। हाथ पर भी कोई पहचानने वाला निशान था। इस लिए हाथ भी काट लिया था। हत्या के बाद लौटते समय आरोपित की कार खराब हो गई। उसे वह एक स्कूल के पास छोड़कर रिपेयर कराने के लिए मिस्त्री बुलाने की कोशिश में लग गया। इसी बीच 22 मार्च को झाड़ी में फेंका गया शव बरामद हो गया।
दो दिन की मशक्कत के बाद में पुलिस ने लावारिस हालत में कार बरामद की और उसके नंबर के जरिए उसकी मालिक मीना देवी निवासी ग्राम बगही कुटी, थाना पटहेरवा, जनपद कुशीनगर हाल मुकाम विनीत खंड गोमतीनगर, लखनऊ का पता चला। पुलिस की सूचना पर पहुंची मृतक की मां मीना देवी ने शव की पहचान बेटे राहुल यादव के रूप में की।
उन्होंने तहरीर देकर पुलिस को बताया है कि उनके बेटे राहुल लखनऊ में महेश यादव के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग करते थे। तहरीर में उन्होंने लिखा था कि महेश यादव उनकी बेटी पर गलत नजर रखता था। राहुल को महेश अपने साथ लेकर जाता था। एसपी ने बताया कि पुलिस उसी समय से प्रभारी निरीक्षक गौर शमशेर बहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर महेश यादव की तलाश की जा रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।