बताते हैं कि गोविंद और पूजा की शादी से गांव के लोग खुश नहीं थे। खासकर पूजा की बिरादरी के लोग इसे अपनी बेइज्जती मान रहे थे। इसको लेकर गोविंद के परिवार वालों से उनका बार-बार विवाद होने लगा। बाद में इसको लेकर चार जून को गांव में पंचायत बुलाई गई।
पंचायत ने दंपती को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। इतना नहीं पंचायत ने इसके लिए बाकायदा लिखित आदेश जारी किया। इससे परेशान पति-पत्नी ने भटहट पुलिस चौकी पर पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
मामला संज्ञान में आने के बाद एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की और गांव छोड़ने का फरमान सुनने वाले जिला पंचायत सदस्य जयकरन यादव और बीडीसी सदस्य मिथुन निषाद सहित छह को पाबंद कर दिया।
पाबंद किए गए लोगों को मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित होकर बड़ी राशि का मुचलका भरना होगा। इसके बाद कम से कम छह माह तक निर्धारित तिथि पर मजिस्ट्रेट के सामने उपस्थित होकर हाजिरी लगानी होगी। साथ ही पुलिस भी नियमित नजर रखेगी।