शाहपुर इलाके के बिछिया कॉलोनी स्थित डिवाइन पब्लिक स्कूल की तीसरे मंजिल पर स्थित एक कमरे में सुपरवाइजर विश्वनाथ राय (42) की फंदे से लटकती लाश मिली है। बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, विश्वनाथ राय ने अवसाद में खुदकुशी की है। परिवार के लोगों ने भी अभी तक किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया के सलेमपुर निवासी विश्वनाथ राय 2002 से ही स्कूल में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। प्रबंधतंत्र के विश्वसनीय होने की वजह से स्कूल में ही नीचे एक कमरे में रहते थे। वहीं बस का ड्राइवर भी रहता है। बृहस्पतिवार को दिन में विश्वनाथ छत की ओर चले गए। काफी देर तक नहीं लौटे तो बस का ड्राइवर परेशान हो गया। वह विश्वनाथ को खोजते हुए छत पर चला गया।
दोपहर बाहर बजे के करीब ड्राइवर छत पर पहुंचा तो ऊपर बना दरवाजा अंदर से बंद मिला। ड्राइवर ने कई बार उन्हें पुकारा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इससे परेशान ड्राइवर ने मोबाइल फोन से पूरे मामले की जानकारी स्कूल प्रबंधक को दी। प्रबंधक बिहार गए हैं, इस वजह से उनके दोनों बेटे स्कूल पहुंच गए। उन्होंने भी छत के ऊपर जाकर देखा तो अंदर से दरवाजा बंद था।
इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर देखा तो विश्वनाथ का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस ने ही उनका शव नीचे उतरवाया। सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह ने बताया कि सुपरवाइजर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया खुदकुशी का मामला है।
इस संबंध में प्रबंधतंत्र से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। जब भी उनका पक्ष आएगा, प्रकाशित किया जाएगा।
तीन बेटियों के पिता थे, दो दिन पहले ही घर से लौटे थे
दो दिन पहले ही विश्वनाथ देवरिया अपने घर गए थे। जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन के बीच ही वह घर राशन पहुंचाकर लौटे थे। विश्वनाथ की तीन बेटियां सुमन (21), नंदिनी (17), सोनम (12) हैं। बताया जा रहा है कि बेटियों की पढ़ाई और अन्य घरेलू समस्याओं को लेकर वह काफी दिनों से अवसाद में थे। अवसाद में ही आत्मघाती कदम उठा लिया है।