गोरखपुर में मैनेजमेंट कोटा से एमबीबीएस में दाखिला पाने के लालच में एक युवक ने 22 लाख रुपये गंवा दिए। दाखिला ना होने पर रुपये वापस मांगने पर जालसाज ने चार चेक दिया जो बाउंस हो गए। पीड़ित ने केस दर्ज करने को कोर्ट में अर्जी दी थी। कोर्ट के आदेश पर गोरखनाथ पुलिस जालसाजी कर रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ, आजादनगर के पचपेड़वा के रहने वाले नंदकिशोर चौहान विदेश में नौकरी करते हैं। उनकी जान पहचान कर्नाटक, विधागिरी धारवाड़, रजतगिरी के हनुमतनगर निवासी श्रीधर बी भजंत्री से है।
नंदकिशोर की पत्नी विंध्यवासिनी देवी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि एक साल पहले श्रीधर बी भजंत्री ने मैनेजमेंट कोटा से उनके बेटे विकास चौहान का दाखिला एमबीबीएस में कराने का झांसा दिया। बातों में आकर उन लोगों ने श्रीधर के बताए खाते में रुपये भेज दिए। लेकिन बेटे का दाखिला एमबीबीएस में नहीं हुआ। रुपये वापस मांगने पर श्रीधर टाल मटोल करने लगे।
दबाव बनाने पर 22 लाख रुपये के चार चेक दिए, जिसे खाते में डाला गया तो पता चला कि खाते में रुपये नहीं है। इसकी जानकारी श्रीधर बी भजंत्री को दी गई तो उन्होंने भरोसा दिया कि रुपये लौटा देंगे। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी रुपये नहीं दिए। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।