एसटीफ के हत्थे चढ़ा राशिद मुंबई में पीओपी (प्लास्टर आफ पेरिस) का काम करता था। मगर उसका असली काम पीएफआई संगठन के सक्रिय सदस्यों का महाराष्ट्र में ब्रेनवाश करके दंगा-फसाद करने के लिए विभिन्न प्रकार के शारीरिक व अस्त्र-शस्त्र में प्रशिक्षित करना था।
पिछले दिनों उसके सिद्धार्थनगर स्थित अपने घर आने की सूचना मिली थी। पता लगा कि 13 मार्च की देर रात मुंबई जाने के लिए किसी साधन से लखनऊ रवाना होने की तैयारी में है। इस सूचना को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ से साझा किया गया।
लखनऊ एसटीएफ से एसआई सत्येंद्र विक्रम सिंह, हेड कांस्टेबल नीरज पांडेय, कमांडो विजय वर्मा के साथ बस्ती आ गए। इधर एसटीएफ गोरखपुर के एसआई सूरजनाथ सिंह भी बस्ती पहुंच गए। शनिवार व रविवार की रात करीब दो बजे मूड़घाट चौराहे पर लखनऊ जाने के लिए गाड़ी का इंतजार कर रहे मोहम्मद राशिद को गिरफ्तार कर लिया गया।