बात फरवरी 2005 में अहरा गांव में दो पक्षों के बीच जमीन संबंधी विवाद हुआ था। जिसमें एक पक्ष के छुट्टी पर घर लौटे फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अहरा में हत्या की सूचना पर धनघटा व महुली थाने की पुलिस घटना स्थल के लिए रवाना हो गई।
पुलिस की गाड़ी जैसे ही गांव के बाहर खड़ी हुई वैसे ही पीड़ित पक्ष के लोगों का गुस्सा पुलिस पर ही फूट पड़ा। लोग ईंट-पत्थर व लाठी डंडे से पुलिसकर्मियों पर प्रहार करने लगे। जिन्हें समझाने में असफल होने पर पुलिस ने वहां से भागना ही मुनासिब समझा
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तत्कालीन थानाध्यक्ष के एम दुबे ने धैर्य और समझ का परिचय देते हुए वहां से पुलिसवालों के साथ हैंसर बाजार की तरफ पैदल ही भाग निकले। नाराज भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बाद में पूरे जिले की पुलिस और आला अफसर पीएसी के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर लोगों को किसी तरह शांत करा कर आगे की कार्रवाई की थी।