बगहीं धाम के पीठाधीश्वर की बाल-बाल बची जान।
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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के बगहीं धाम के पीठाधीश्वर पर बृहस्पतिवार को सुबह एक साधु ने गड़ासे से हमला कर दिया। पीठाधीश्वर को हल्की चोटें आईं हैं। घटनास्थल पर मौजूद शिष्यों ने साधु को पकड़कर पहले कमरे में बंद कर दिया। उसके बाद पुलिस के पहुंचने पर उसे सौंप दिया।
बगहीं धाम के पीठाधीश्वर की चैतन्यता से बृहस्पतिवार को उनके साथ बड़ी घटना होने से बच गई। पीठाधीश्वर विश्वंभर दास के मुताबिक बृहस्पतिवार की सुबह वह अपने कक्ष में बैठे थे। वह कुइया गांव से पहुंचे अपने दो शिष्य खूबलाल व श्यामलाल से उनके गांव में कुटी की जमीन पर बोई गई गन्ने की फसल की कटाई कराने के संबंध में वार्ता कर रहे थे। तभी मठ में दो वर्षों से रह रहा तमिलनाडु निवासी श्रीनिवासन दास उर्फ वाल्मीकि कक्ष में उनके आसन के पास आया।
अभी उससे कुछ पूछते, उसने हाथ में पीछे छिपाए गड़ासे से उन पर हमला कर दिया। लेकिन बचाव में गर्दन घुमा लेने से उसका वार नहीं लगा। पुन: दूसरे वार का बचाव करते हुए उनके चेहरे पर हल्की चोटें लग गईं। निकट बैठे शिष्य एकाएक हुए हमले से अचंभित रह गए।
हिम्मत जुटाकर हमलावर साधु को पकड़कर मठ के एक कक्ष में बंद कर दिए। पीठाधीश्वर पर हमला होने की जानकारी पर आसपास के गांवों के लोग जुट गए। पीठाधीश्वर को सुरक्षित देख लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस हमलावर साधु को अपने साथ थाने ले गई। नेबुआ नौरंगिया थाने के प्रभारी एसओ उमेश यादव ने बताया कि हमलावर साधु को थाने में बैठाया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है।