बाएं मौके पर जुटी पुलिस और दुर्गेश यादव की फाइल फोटो।
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लखनऊ में मारे गए प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश यादव गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र के गांव मसभठाडी गांव के रहने वाले था। उमाकांत यादव के पुत्र दुर्गेश लखनऊ में प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था।
गोरखपुर के गोला उरुवा और बड़हलगंज थाना में उनके खिलाफ डकैती, लूट जैसे 7 मुकदमे दर्ज हैं। गोला थाने में कुछ दिन पहले ही उसके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई थी। इस मामले में पुलिस उसकी तलाश में भी थी और वह लखनऊ में छुप गया था।
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लखनऊ में पीजीआई के पास गोरखपुर के दुर्गेश यादव को गोली मारी गई है। दो बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है। प्रारंभिक छानबीन में लेनदेन के विवाद में गोली मारने की बात सामने आ रही है। एक बदमाश की पहचान पवन ठाकुर के रूप में हुई है। दूसरे का नाम मनीष यादव बताया जा रहा है।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तैयारी कर रहा था दुर्गेश
दुर्गेश यादव उरुवा से ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था। इलाके में उसे लोग सपा के नेता के रूप में जानते थे। जनवरी में उसने नए साल के स्वागत और बधाई का पोस्टर इलाके में लगवाया था।