रेलवे बस स्टैंड से दो स्वर्ण कारोबारियों को अगवा कर 30 लाख का सोना और नकदी की लूट के आरोपी पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। इस मामले में एक दारोगा, तीन सिपाही और तीन मददगारों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर लूटी गई रकम और सोना-चांदी बरामद कर लिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, बीते बुधवार को महराजगंज के निचलौल के व्यापारी दीपक वर्मा और रामू वर्मा के साथ लूट की वारदात हुई थी। पुलिस की वर्दी में पहुंचे लोगों ने लूट की। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि असली पुलिस वालों ने ही लूट की है।
पुरानी बस्ती थाने में तैनात दरोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव, संतोष यादव, लखीमपुर खीरी निवासी सिपाही आलोक भार्गव, मुखबिर शैलेश यादव समेत सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नकदी और सोना-चांदी भी बरामद कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसएसपी ने पुलिस वालों को आचरण सुधारने की नसीहत दी
लूट के मामले में पुलिस वालों के पकड़े जाने के बाद एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने मातहतों को एक बार फिर आचरण सुधारने की नसीहत दी है। एसएसपी ने पत्र जारी कर कहा है कि जनता से सही व्यवहार करें और इस तरह की कोई काम न करें, जिससे खाकी दागदार हो। पत्र में पुलिस वालों को इसका दुष्परिणाम भी समझाया गया है। बताया गया कि आप बेहतर तरीके से जानते हैं कि इस तरह के मामले में पकड़े जाने के बाद क्या कार्रवाई होती है और आगे क्या भविष्य होता है।