गोरखपुर पुलिस रिकॉर्ड में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। एसएसपी डॉ सुनील कुमार गुप्ता ने कई गैंगेस्टर की संपत्ति को कुर्क करने के लिए डीएम फाइल भेजी थी। इसी क्रम में डीएम के आदेश पर शनिवार की दोपहर खोराबार के सिक्टौर करमहिया गांव के प्रधान पति राजेश निषाद के घर पर कार्रवाई की गई।
प्रधान पति को हिरासत में लेने के साथ ही पुलिस ने उनकी गाड़ियों को जब्त कर लिया है। राजेश के खिलाफ दो वर्ष पूर्व गिरोह बनाकर नकली शराब बनाने का केस दर्ज हुआ था। साथ ही गैंगेस्टर की भी कार्रवाई हुई थी। जिसमें वो जमानत पर बाहर था।
इधर एसएसपी के निर्देश पर पुलिस गैँगेस्टर के आरोपितों की गलत तरीके से कमाई गई संपत्ति का ब्यौरा जुटाकर सूची बनाई थी। एसएसपी ने सूची भेजकर डीएम से अनुमति लेकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
जिसके बाद शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे सीओ केंट सुमित शुक्ल तीन थानों की फोर्स के साथ प्रधान पति राजेश के करमहिया स्थित घर पहुंचे और 134(ए) की कार्रवाई करते हुए उनकी जेसीबी मशीन, बुलेट, ट्रैक्टर ट्राली को जब्त कर थाने लाई। साथ ही पूछताछ के लिए राजेश निषाद को भी थाने लाई और देर शाम उन्हें छोड़ दिया गया।
पुलिस को कुछ और गड़ियों की सूचना थी लेकिन प्रधान पति उन गड़ियों को पहले हो बेच चुका है। पुलिस उन गड़ियों को भी जब्त करेगी। वही उनके निर्मणाधीन मकान सहित कुछ और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है कि वह उनके नाम से है या प्रधान पत्नी के नाम से है। क्या मकान अवैध कारोबार से अर्जित धन से ली गई है या नहीं।
विकास दुबे एनकाउंटर के बाद गैंगेस्टर के आरोपितों की संपत्ति जब्त करने की जिले की यह अभी पहली कार्रवाई है। आगे भी आने वाले दिनों में अलग-अलग थानों के कई गैंगेस्टर के आरोपितों की संपत्ति जब्त होगी। वंहीं यह भी चर्चा है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने कुछ माह पहले डीएम से शिकायत भी की थी।
इस संबंध में सीओ केंट सुमित शुक्ल ने बताया कि गैंगेस्टर के आरोपित प्रधान पति की संपत्ति जब्त की गई है। आगे भी जांच की जा रही है। आगे और भी गैंगेस्टर के आरोपितों पर कार्रवाई संभव है। वही प्रधान मंजू देवी व उनके पति राजेश निषाद ने कहा कि जब्ती की कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस आदि भी नहीं मिली है। जो गाड़ियां जब्त की गई है वह सभी लोन पर खरीदी गई है।