पुलिस के गिरफ्त में अनस। (इनसेट में मृतक सईद अहमद file)
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कोतवाली इलाके के नखास स्थित घर में दवा कारोबारी सईद की हत्या के आरोप में उनके बेटे अनस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मौत की वजह जायजाद को लेकर बताई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक अनस अपने पिता की जायजाद को बेचना चाह रहा था। ऐसे में पिता के मना करने पर अनस ने घटना को अंजाम दिया।
ये है पूरा मामला
कोतवाली इलाके के नखास स्थित घर में दवा कारोबारी सईद की गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी। तीन गोली लगने के बाद खुदकुशी बताने वाली कोतवाली पुलिस की सारी दलील वैज्ञानिक साक्ष्य के सामने फेल हो गई है। शनिवार को हैंडवॉश रिपोर्ट से साफ हो गया था कि सईद ने खुद को गोली नहीं मारी थी, बल्कि किसी और ने पिस्टल का इस्तेमाल कर हत्या किया था। फिर मृतक के हाथ में पिस्टल थमाकर इसे खुदकुशी दर्शाने की कोशिश की।
बड़ी बात तो यह कि पुलिस भी सईद के बेटे के खुदकुशी की उस झूठी कहानी को साबित करने की हर कोशिश में जुटी रही। रिपोर्ट आने के बाद एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने हत्या के एंगल पर जांच की कमान संभाल ली थी। खबर थी कि पुलिस ने उन हाथों को चिन्हित कर लिया है, जिन्होंने दवा कारोबारी पर गोली दागी थी।
यह हुआ था
कोतवाली क्षेत्र के नखास के रहने वाले सईद अहमद (54) का शव उनके बाथरूम में मिला। कनपटी में एक और छाती में बायीं ओर दो गोलियां लगीं थीं। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस को सईद के इकलौते बेटे अनस ने बताया कि मां की मौत के बाद से अब्बू डिप्रेशन में थे। उनका इलाज चल रहा था। 13 फरवरी की रात में 12 बजे के बाद पहले एक और फिरर दो गोलियां चलने की आवाज आई। अब्बू के कमरे की तरफ गया तो दरवाजा अंदर से बंद था। कमरे तक जाने के लिए किचन की खिड़की का इस्तेमाल किया गया। कमरे से अटैच बाथरूम में पिता का शव पड़ा मिला। दाहिने हाथ में पिस्टल थी।