महराजगंज शहर के वीरबहादुर मोहल्ले के रहने वाले आसिफ से शादी रचाने वाली 35 वर्षीय महिला ने लखनऊ में आत्मघाती कदम उठाकर मुश्किलें बढ़ा दी है। आरोपी युवक सऊदी अरब में है। परिजन घर पर हैं। वे भी इस घटना के बाद इधर उधर मारे मारे फिर रहे हैं। इस मामले की शहर में चर्चा जोरों पर है। पीड़िता के आरोपों एवं युवक के परिजनों के बयान में बहुत अंतर है।
मामला यह है कि झारखंड के पलामू जिले के एक गांव रहने वाली महिला की शादी 25 जून वर्ष 2012 में महराजगंज के पचरूचियां गांव में अखिलेश त्रिपाठी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद सब कुछ ठीक रहा, लेकिन महिला ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर 27 फरवरी 2016 में घुघली थाने में पति अखिलेश समेत अन्य खिलाफ केस दर्ज कराया।
इसके बाद उसने अखिलेश को छोड़ दिया और महिला महराजगंज शहर में रहने लगी। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़िता से ससुराल पक्ष पर बेरहमी से मारने पीटने का आरोप लगाया था। वर्ष 2017 में एक ट्रैफिक पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप मढ़कर एसपी से शिकायत की। कुछ दिन तक मामला सुर्खियों में रहा।
इस मामले की जांच हुई तो मामले में ट्रैफिक पुलिस को क्लिनचीट मिल गई थी। इसके बाद वीर बहादुर नगर के रहने वाले आसिफ से उसका संबंध हो गया। पीड़िता द्वारा महिला थाने में दिए शिकायती पत्र के मुताबिक आसिफ के घर वालों के सामने ढाई साल पहले निकाह हुआ था। इसके बाद नाम बदल लिया और उसके घर में रहने लगी।
पति ने छोड़ने की दी थी धमकी
शुरुआत में सब कुछ ठीक था। इसके बाद जोर जबरदस्ती शुरू हो गई। मारने पीटने साथ ही जुल्म ज्यादती की जाने लगी। इसके बाद आसिफ ने उसे गोरखपुर में किराए के मकाने में शिफ्ट करा दिया। कुछ दिन तक वह भी साथ रहा। इसके बाद सऊदी अरब चला गया।
फोन पर उसने बातचीत जारी रखी। गुजर बसर करने के लिए रकम भी भेजता था। लेकिन इधर रकम भेजना बंद कर फोन पर उसने संबंध तोड़ने की बात कही। फोन पर उसने कहा कि अब न रकम भेजूंगा, न ही साथ रखूंगा। अब दूसरी शादी करूंगा।
एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि धर्म परिवर्तन के पुख्ता तथ्य सामने नहीं आए हैं। पीड़िता को महिला थाने में बीते दिनों बुलाकर काउंसिलिंग कराई गई। आरोपी पक्ष को भी महिला थाने में बातचीत के लिए बुलाया गया था। लेकिन दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई थी। पीड़िता आसिफ की जायजाद में हिस्सा एवं घर में रहने की मांग कर रही थी। लेकिन दूसरे पक्ष से सहमति नहीं बन सकी। दोनों पक्षों ने बैठकर चर्चा करने के लिए समय दिया था।
आसिफ के घर वालों का पता नहीं
वीर बहादुर नगर मोहल्ले में आसिफ के घर किसी का पता नहीं है। उसके घर ताला लटका है। मोहल्ले के लोग भी घटना की जानकारी पाकर आवाक रह गए। कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है।
उत्पीड़न के तमाम हो चुके हैं मामले
जिले में महिला उत्पीड़न को लेकर तमाम मामले हो चुके हैं। बीते माह श्यामदउेरवां थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना की बात सामने आई थी। वहीं कोठीभार थाना क्षेत्र में लज्जा भंग पीड़िता ने हाथ की नस काट कर जान देने की कोशिश की।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को जेल भेज चुकी है। चौथे की तलाश जारी है। इस बीच शहर में एक गेस्ट हाउस में गैंग रेप के मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा। इस मामले में भी पीड़िता को आरोपितों ने प्रताड़ित किया था।