उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पीपीगंज इलाके की एक महिला ने पहले जिस युवक पर पति की हत्या का आरोप लगाया, बाद में सुलह कर उससे शादी को राजी हुई, बुधवार को उसके खिलाफ दुष्कर्म और पति को खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज करा दिया।
महिला का आरोप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर दिनेश ने पहले उसे प्रेमजाल में फंसाया, फिर शारीरिक शोषण भी किया। इसकी जानकारी पति को हो गई, तब दिनेश दावत के बहाने पति को लेकर गया और उसकी हत्या कर दी।
अमर उजाला में महिला और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद बुधवार को महिला फिर थाने पहुंच गई। उसने पुलिस को बताया कि आरोपी दिनेश सुलहनामे के बाद फरार हो गया है। उसने पुलिस को तहरीर देकर दिनेश के खिलाफ दुष्कर्म और पति को खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज करा दिया। आरोपी दिनेश सभासद का चुनाव भी लड़ चुका है। महिला बार-बार बयान बदल रही है, इस वजह से पुलिस 164 का बयान जल्द कराने की तैयारी में है।
जानकारी के मुताबिक, कस्बे का एक युवक बीते 28 दिसंबर की शाम को घर से निकला था। अगली सुबह रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला था। तब उसकी पत्नी ने हत्या का आरोप लगाते हुए एक परिचित दिनेश भारती के खिलाफ तहरीर दी थी। महिला ने एसएसपी को भी प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
एसएसपी ने एसओ को मामले की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया था। इसी बीच मंगलवार को महिला आरोपी दिनेश के साथ थाने पहुंची। उसने पुलिस को अर्जी देकर बताया कि वह आरोपी दिनेश से शादी करना चाहती है। उसने दिनेश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का पुलिस से आग्रह किया। हद तो यह है कि पुलिस भी दोनों की बात मान गई और महज सुलहनामा लिखवा कर आरोपी दिनेश को बिना कार्रवाई के जाने दिया।
अमर उजाला के सवालों ने पलट दी केस की चाल
पीपीगंज थानेदार सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि महिला ने शारीरिक शोषण व अन्य आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पति को खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज कर लिया गया है। महिला बार-बार बयान बदल रही है। जल्द ही उसका 164 का बयान कराया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में अमर उजाला ने बुधवार के अंक में महिला के 'हृदय परिवर्तन' और सुलह में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया था। कमाल की बात थी कि महिला ने एक युवक पर अपने पति की हत्या का आरोप लगाया और फिर आरोप वापस लेते हुए आरोपी से शादी करने के लिए पुलिस के सामने सुलहनामा पेश कर दिया। उसके इस हृदय परिवर्तन पर सवाल उठाने की बजाए पुलिस ने एक व्यक्ति की मौत को नजरअंदाज करते हुए सुलह पर मुहर लगा दी। जबकि, ऐसे मामले में पुलिस को तत्काल दोनों को सवालों के घेरे में लेकर महिला के पति की मौत की गुत्थी सुलझानी चाहिए थी। खैर, अमर उजाला में यह मुद्दा उठने के बाद बुधवार को महिला और पुलिस दोनों ही सही रास्ते पर आ गए।