आरोपी राजेंद्र सिंह व शहाना की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के कोतवाली क्षेत्र में मृत मिली शहाना निशा मामले में डीएनए जांच के लिए आरोपित दरोगा राजेंद्र सिंह से नमूना मांगा गया है। इसके लिए अनुसंधान अधिकारी ने उसे पत्र भेजा है। शहाना के बेटे का जैविक पिता कौन है, यह जानने के लिए डीएनए जांच की जानी है। आरोपित दरोगा, इस वक्त जमानत पर जेल से बाहर है। मामले में पुलिस ने अभी चार्जशीट भी नहीं दाखिल की है।
हालांकि, इसमें एक कानूनी पेंच भी है, अगर राजेंद्र सिंह ने डीएनए जांच के लिए नमूना देने से मना कर दिया तो कोर्ट के माध्यम से ही पुलिस को सैंपल लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इंस्पेक्टर कल्याण सिंह सागर ने बताया कि डीएनए के लिए पत्राचार किया गया है। आरोपित के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार के भीटी निवासी शहाना निशा का गत 15 अक्तूबर को कोतवाली इलाके के एक मकान में फंदे से लटका शव मिला था। शहाना उस मकान में किराए पर रहती थी। उसके घरवालों का आरोप था कि पहले कोतवाली थाने में तैनात रहे, राजेंद्र सिंह ने ही उसकी हत्या की और फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप दे दिया।
शहाना और राजेंद्र सिंह साथ में ही रहते थे। इस आरोप के बाद पुलिस ने खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज करके दरोगा को जेल भेज दिया था। इस बीच सवाल उठा कि शहाना के बेटे का पिता कौन है? इस समस्या के समाधान के लिए, पुलिस ने डीएनए जांच कराने का फैसला किया।