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यूपी: इस बदमाश ने कई प्रांतों में खड़ा किया है असलहा तस्करों का नेटवर्क, ऐसे हुआ गिरफ्तार

Wed, 14 Apr 2021 05:53 PM IST
vivek shukla विश्व दीपक त्रिपाठी, देवरिया।

सार

  • लखनऊ में गिरफ्तार होने के पहले आया था अपने गांव, फिर गया प्रयागराज
  • लार पुलिस ने भी 20 पिस्टल के साथ एक बार कर चुकी थी गिरफ्तार

 
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आरोपी रामप्रवेश यादव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रदेश में असलहा तस्कर रामप्रवेश यादव ने कई प्रांतों में असलहा तस्करों का नेटवर्क खड़ा कर लिया है। इस गैंग के तार बड़े बदमाशों से जुड़े हुए हैं। इन सभी के बाद भी जिले की पुलिस की नजर से बचता रहा है। एक बार लार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद उसे अपना नेटवर्क मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र में खड़ा कर लिया। अभी करीब एक सप्ताह पहले वह अपने गांव भी आया था लेकिन यहां की पुलिस को भनक तक नहीं लगी थी। जिले की पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की कुंडली खंगाल रही है।

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लार थाना क्षेत्र के सकरापार गांव निवासी रामप्रवेश यादव को लार पुलिस ने पहली 2010 में 20 पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। करीब एक दशक का समय में उसने असलहा तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का सरगना बन गया। करीब चार रोज पहले लखनऊ में एसटीएफ ने उसे गिराफ्तार किया है। उसके पास से 32 बोर की 20 पिस्टल व 40 मैगजीन बरामद हुआ।

पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो रामप्रवेश प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अवैध असलहों की तस्करी का काम करता है। मध्य प्रदेश और बिहार से असलहा लाकर बदमशों को बेचता था। पिता मध्य प्रदेश के खंडवा में नौकरी करते है, इसी दौरान उसकी पहचान तस्कर के साथ हो गई थी।
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लखनऊ में शनिवार को गिरफ्तार होने के पहले वह अपने गांव आया था और एक दिन रूका भी था। यहीं से 20 पिस्टल व 40 मैगजीन लेकर प्रयागराज के रास्ते लखनऊ पहुंचा था। जहां पर एक व्यक्ति को पिस्टल बेचने से पहले गिरफ्तार हो गया।

 

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विदेशी मार्का और मुगेंर के असलहों की पहुंच रही खेप

देवरिया जनपद कुछ वर्षो में अवैध असलहों की तस्करी का हब बन गया है। बिहार के मुंगेर में बनने वाले असलहों से लेकर विदेशी असलहे तस्कर बदमाशों को मुहैया करा रहे है। इतना ही नहीं तस्कर विदेश से असलहों के पुर्जों को लाकर उससे असलहा बना रहे है। अभी हाल में ही सदर कोतवाली के पिपरपाती गांव के पास हुए पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ में यूएसए लिखा पिस्टल पुलिस ने बदमाश के पास से बरामद किया था।

सदर कोतवाली पुलिस ने ही बिहार के कुछ लोगों को मार्च माह में साकेत नगर से गिरफ्तार किया था। इनके पास से तीन पिस्टल पुलिस ने बरामद किया था। असलहा तस्कर मुंह मांगे दामों पर असलहों को बेच रहे है। जिले में कई बार पुलिस ने कारबाईन तक बदमाशों के पास से बरामद कर चुकी है।  

कैसे मिल जा रहा है कारतूस
असलहा तस्कर असलहा बेचकर अपना काम पूरा कर लेते हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर असलहा खरीदने वालों को कारतूस कैसे मिल रहा है। क्योंकि असलहे तो आसानी से तैयार हो सकते हैं, लेकिन कारतूस फैक्टरियों में ही बनाए जा सकते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि दुकानदारों की मिलीभगत से ही इन असलहों को कारतूस मिल जा रहा है।

एएसपी राजेश कुमार ने कहा कि लखनऊ में पकड़े गए असलहा तस्कर के बारे में जानकारी मिली है। इस गिरोह पर पुलिस की नजर है। जिले में इसकी गतिविधियां नहीं मिल रही थी। इससे जुड़े अन्य के बारे में जांच पड़ताल की जाएगी।

 
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