देवरिया जनपद कुछ वर्षो में अवैध असलहों की तस्करी का हब बन गया है। बिहार के मुंगेर में बनने वाले असलहों से लेकर विदेशी असलहे तस्कर बदमाशों को मुहैया करा रहे है। इतना ही नहीं तस्कर विदेश से असलहों के पुर्जों को लाकर उससे असलहा बना रहे है। अभी हाल में ही सदर कोतवाली के पिपरपाती गांव के पास हुए पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ में यूएसए लिखा पिस्टल पुलिस ने बदमाश के पास से बरामद किया था।
सदर कोतवाली पुलिस ने ही बिहार के कुछ लोगों को मार्च माह में साकेत नगर से गिरफ्तार किया था। इनके पास से तीन पिस्टल पुलिस ने बरामद किया था। असलहा तस्कर मुंह मांगे दामों पर असलहों को बेच रहे है। जिले में कई बार पुलिस ने कारबाईन तक बदमाशों के पास से बरामद कर चुकी है।
कैसे मिल जा रहा है कारतूस
असलहा तस्कर असलहा बेचकर अपना काम पूरा कर लेते हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर असलहा खरीदने वालों को कारतूस कैसे मिल रहा है। क्योंकि असलहे तो आसानी से तैयार हो सकते हैं, लेकिन कारतूस फैक्टरियों में ही बनाए जा सकते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि दुकानदारों की मिलीभगत से ही इन असलहों को कारतूस मिल जा रहा है।
एएसपी राजेश कुमार ने कहा कि लखनऊ में पकड़े गए असलहा तस्कर के बारे में जानकारी मिली है। इस गिरोह पर पुलिस की नजर है। जिले में इसकी गतिविधियां नहीं मिल रही थी। इससे जुड़े अन्य के बारे में जांच पड़ताल की जाएगी।