घर के एक दरवाजे पर ताला लगा था जबकि दूसरा भीतर से बंद था। वे ताला तोड़कर भीतर घुसे तो देखा कि उनका बेटा बेड बॉक्स में पड़ा था और उसके हाथ और पैर दुपट्टे से बंधे थे। बेटे ने बताया कि घर में सीढ़ियों की ओर से चार लोग घुसे थे। उन्होंने उसके हाथ-पैर बांधे और बेड बॉक्स में फेंक दिया। इसके बाद दादी के कमरे में आग लगा दी।
एसएसपी ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच के लिए पुलिस कप्तान (जांच) रविंदरपाल सिंह संधू, डीएसपी ग्रामीण गुरप्रीत सिंह और एसएचओ हरियाना हरगुरदेव सिंह पर आधारित एक टीम तैनात की। टीम को जांच के दौरान मृतका के पोते के बयान और मौके की परिस्थितियों में सामंजस्य नहीं दिखा। घर के बाहर लगे ताले की चाबी भी भीतर से ही बरामद हुई।
शक के आधार पर पोते से गहन पूछताछ की गई तो वह टूट गया और उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि उसकी दादी उससे बुरी तरह से बात करती थी। वह दादी से परेशान था और उसे मारने के बारे में सोचता रहा। उसने दादी को मारने के बाद खुद के हाथ पैर बांधकर बेड बॉक्स में बंद कर लिया। खुलासे के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में इस्तेमाल रॉड, तेल की बोतल और माचिस बरामद कर ली है।