उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोरखनाथ इलाके के सुभाष चंद्र बोस नगर कॉलोनी के पास हत्या कर फेंके गए शव की पहचान पुलिस ने सोशल मीडिया की मदद से बांसगांव इलाके के कस्बा निवासी राहुल सिंह पुत्र अजय सिंह के रूप में कर ली। साथ ही पुलिस ने हत्या करने वाले उसके चार साथियों को भी दबोच लिया है।
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि सब साथ में मिलकर चोरी और लूट की वारदात किए थे, जिसकी रकम बंटवारे को लेकर विवाद हुआ और फिर ईंट से प्रहार कर राहुल को घायल किया गया और ब्लेड से उसके गर्दन को काट दिया गया था।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि 28 अगस्त की रात में हत्या की गई थी। 29 अगस्त की सुबह शव मिलने के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें लगी थी। सोशल मीडिया पर भी फोटो को वायरल किया गया था, ताकि मृतक की पहचान हो सके।
मृतक के रिश्तेदार सुनील चंद ने मृतक की पहचान कर ली जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल को आगे बढ़ाया तो पता चला कि राहुल शातिर अपराधी था और मई में पैरोल पर बाहर आया था। उसके साथी अहमद उर्फ नाटे से उसकी मुलाकात जेल में ही हुई थी जो जमानत पर इस समय बाहर था।
घटना वाले दिन नाटे ने अपने मित्र इरफान सलीम और गुलजार को लेकर डोमिनगढ़ बंधे पर पहुंचा था। वहीं पर उसने राहुल को फोन करके बुलाया और फिर सब साथ में बैठकर शराब पिए। शराब पीने के बाद नाटे राहुल से पैसे की मांग करने लगा और विवाद हो गया। जिसके बाद उसने साथियों के साथ मिलकर राहुल की हत्या कर दी।