उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मोजहिदुल अंसार कमेटी चक्सा हुसैन के अध्यक्ष मुमताज अहमद ने सचिव अहमद हसन को मृत घोषित कर पद से हटा दिया। इसके लिए तत्कालीन पार्षद फरहाहुदा के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर का इस्तेमाल किया गया था।
चार साल बाद मामले की जानकारी होने पर फरहाहुदा ने पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। कार्रवाई न होने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने कमेटी के अध्यक्ष पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, फरहाहुदा ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि वर्ष 2012 से 2017 तक वह तत्कालीन वार्ड नंबर 47 की पार्षद रहीं। मोहल्ले की मोजहिदुल अंसार कमेटी के अध्यक्ष मुमताज अहमद गोरखनाथ थाने का हिस्ट्रीशीटर है। संस्था के सचिव को पद से हटाने के लिए मुमताज ने पार्षद का फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर दो अप्रैल 2015 को नगर निगम से अहमद हसन का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया।
दो साल पहले अहमद हसन को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह जीवित हैं। वर्तमान पार्षद एहतेराम हुसैन उर्फ बाबा भाई ने 29 नवंबर 2019 को उनके जीवित होने का प्रमाण पत्र बनवाया।
प्रभारी निरीक्षक कैंट अनिल उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।