रेलवे में ग्रुप सी व डी के 5285 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से फर्जी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने का मामला प्रकाश में आया है। एक एजेंसी द्वारा बाकायदा विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। रेलवे ने इसे फर्जी और भ्रामक करार देते हुए मामले की जांच शुरू करा दी है। साथ ही अभ्यर्थियों से इस भ्रामक भर्ती के आवेदन से बचने की सलाह दी है।
अवेस्ट्रान इन्फोटेक की ओर से भारतीय रेलवे में 11 साल के अनुबंध पर भर्ती के लिए विज्ञापन भी प्रकाशित कराया गया है। जिसमें साक्षात्कार के आधार पर नियुक्ति की बात कही गई है। कनिष्ठ सहायक के लिए 600 पद, नियंत्रक पद के लिए 35, बुकिंग क्लर्क के लिए 430, गेटमैन पद पर 1200 कैन्टीन सुपरवाइजर पर 350, चपरासी के लिए 1460, केबिन मैन के लिए 780 तथा वेल्डर के लिए 430 पद पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
उधर, जानकारी होने के बाद रेलवे ने ऐसी किसी भी भर्ती होने से इनकार किया है। रेल प्रशासन का कहना है कि रेलवे में भर्ती के लिए सिर्फ भारतीय रेल की ओर से विज्ञापन प्रकाशित होता है। ग्रुप सी एवं ग्रुप डी की विभिन्न श्रेणियों में भर्ती के लिए 21 रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) एवं 16 रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (आरआरसी) कार्यरत हैं। किसी अन्य एजेंसी को नहीं लगाया गया है।
एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे में भर्ती को लेकर प्रकाशित विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी है। रेलवे ने इस मामले में जांच शुरू करा दी है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। युवाओं से अपील है कि वे इस तरह के झांसे में न आएं।