पुलिस ने दोनों परिवारों को थाने बुलाया। दोनों पक्ष थाने पहुंचा और तहरीर देकर वापस लौट गए। एसओ के अनुसार नर्वदा चौहान की पत्नी अंजू देवी पहले घर चली गई जबकि शारदा चौहान की पत्नी अंजू बाजार में सामान खरीदने लगी। घर जाते समय रास्ते में अंजू ने सरकारी स्कूल के पास राजन को गन्ना चूसते देखा। कुछ देर पहले हुए विवाद के चलते नाराज अंजू देवी ने राजन को जान से मारने की योजना बना ली।
घर पहुंचने के कुछ देर बाद अंजू देवी वापस स्कूल के पास आई जहां राजन मौजूद था। वहां से राजन को और गन्ना दिलाने की बात कहते हुए बहला फुसलाकर गन्ने के खेत में ले गई और वहीं मुंह दबाकर मासूम को मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देने के बाद भागकर घर आ गई। बाद में जब मासूम का शव मिला तो वह भी परिजनों के साथ हंगामा करने में शामिल हो गई।
घटना की जांच के लिए पुलिस द्वारा परिजनों व गांव के लोगों से पूछताछ चल रही थी कि इसी दौरान कई लोगों का मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाया गया। इसमें आरोपी अंजू देवी के मोबाइल का लोकेशन घटनास्थल के पास पाया गया। इसी आधार पर अंजू से पुन: पूछताछ हुई तब उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बुधवार को इसका खुलासा करते हुए एसओ ने बताया कि आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया है।