उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां खजनी इलाके के महुआ डाबर निवासी राधेश्याम विश्वकर्मा (40) की उनके भतीजों व भाभी ने शनिवार की रात छत से धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल राधेश्याम की इलाज के दौरान मौत हो गई।
रविवार सुबह मृतक की पत्नी रीता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले में एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया है। जबकि पुलिस अभी दोनों फरार मुख्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, राधेश्याम विश्वकर्मा अपनी पत्नी रीता व तीन बेटियों अंजलि (14), खुशी (7) तथा काजल (7) के साथ गांव में रहता था। वह फर्नीचर बनाने का काम करता था। पत्नी के अनुसार शनिवार की रात वह काम करके बाइक से लौटे। सीढ़ी के पास बाइक खड़ी करने को लेकर पति का पट्टीदारों से विवाद हो गया। जिसके बाद पति के चचेरे भाई की पत्नी व उसके दो बेटों ने राधेश्याम को छत से धक्का दे दिया। वह नीचे गिर गए।
घायल राधेश्याम को परिजन रात में ही गोरखनाथ अस्पताल, रचित हॉस्पिटल, स्टार हॉस्पिटल फिर मेडिकल कॉलेज ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर रविवार सुबह घर चले आए और फिर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के अनुसार राधेश्याम के नाक, कान, मुह से खून निकला था। सिर में पीछे की ओर चोट के निशान थे। पुलिस के अनुसार बाइक किसके नाम से है इसका पता नहीं चल पाया है। मृतक का एक भाई रामकेश गोरखनाथ इलाके में रहता है तो दूसरा भाई राम नवल खजनी के बरदाड़ चौराहे पर रहता है।
मौत की खबर पाकर मृतक के मामा उरुवा के उमरी निवासी गंगेश व राधेश्याम, प्रधान पति रामाश्रय सहित पूरे गांव के लोग जुट गए। इस सम्बंध में थानेदार खजनी मृत्युंजय राय ने कहा कि युवक को धक्का दिया गया जिसके वजह से उसकी मौत हुई है। एक महिला आरोपी हिरासत में है। अभी मृतक की पत्नी ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर फरार चल रहे दोनों मुख्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।