उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंह की अदालत ने पति-पत्नी सहित चार को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर 15 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
घटना परशुरामपुर थाना क्षेत्र के दुफेड़ी गांव की है। शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह और वेद प्रकाश पांडेय ने न्यायालय को बताया कि राम सिंह वर्मा ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके पड़ोसी राम जनम वर्मा से जमीन का विवाद था।
26 मई 2012 की सुबह पांच बजे राम जनम वर्मा, राम केवल वर्मा, मालती देवी पत्नी राम जनम और चंद्र वर्मा विवादित जमीन पर छप्पर रखने लगे। मना करने पर आरोपियों ने गड़ासा, लाठी डंडा से उसके पिता भोनू, बहन दुर्गावती, मां मोहरकला पर हमला कर दिया। पिता भोनू वर्मा चोट लगने के कारण बेहोश हो गए थे।
लखनऊ ले जाते समय रास्ते में भोनू की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने चारों आरोपितों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। न्यायालय ने साक्ष्य के आधार पर चारों आरोपितों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
इसी मामले में रामजनम वर्मा की ओर से भी राम सिंह वर्मा के ऊपर पीटने के आरोप में क्रास एफआईआर दर्ज कराई गई थी। न्यायालय ने क्रास केस होने के कारण मामले को फ्री-फाइट पाया। लिहाजा न्यायालय ने राम सिंह को भी दोषी मानते हुए एक वर्ष के लिए परिवीक्षा पर रिहा करते हुए 4500 रुपये प्रतिकर खर्च कोर्ट में जमा करने के लिए कहा है।