गोरखपुर एम्स परिसर में मेडिकल स्टोर और कैंटीन आवंटन के नाम पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि छह लोग ठगी के शिकार हुए हैं। सभी से लाखों की रकम वसूली गई है। पता चला है कि फर्जीवाड़ा करने वालों ने सादे कागज पर आवंटन पत्र बना दिया था।
आवंटन पत्र लेकर लोग एम्स पहुंचे तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई। हालांकि पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है। एम्स प्रशासन के सामने ऐसे दो मामले आए हैं। एम्स प्रशासन की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल, पुलिस मामले में कुछ बोलने से बच रही है।
जानकारी के मुताबिक, 10 दिन पहले कुशीनगर से आए दो लोगों ने एम्स प्रशासन से संपर्क किया। इन सबके पास परिसर में मेडिकल स्टोर और कैंटीन संचालन से संबंधित आवंटन पत्र था। यह पत्र सादे कागज पर लिखा गया था। पत्र में तीन लाख रुपये जमा कराकर मेडिकल स्टोर और कैंटीन के आवंटन की बात लिखी थी। कथित तौर पर जारी इस पत्र में रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर भी थे।
रजिस्ट्रार ने पत्र देखा और दोनों को बता दिया कि यह पत्र व हस्ताक्षर फर्जी हैं। एम्स में ऐसे कोई दुकान या स्थान किसी को आवंटित नहीं होता है। इसके बाद दोनों वहां से चले गए। इसके बाद एम्स प्रशासन की ओर से जांच के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है।