गोरखपुर के चिलुआताल इलाके के परमेश्वरपुर गांव के भंडारो टोला में प्रेमी के भेजे सिंदूर को मांग में सजाने से नाराज बड़े भाई ने फावड़े से काटकर बहन अंजलि (16) की हत्या कर दी।
गुरुवार की शाम चार बजे के करीब वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रामगोविंद ने खुद पुलिस बुलाई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि नाबालिग बहन का गांव के एक युवक से प्रेम संबंध था। इससे किशोरी के घरवाले नाराज थे। इसे लेकर कई बार थाने में पंचायत भी हुई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, पिता रामबुझारत रेलवे के वर्कशॉप में काम करते हैं। उनकी दो बेटी और तीन बेटों में अंजलि सबसे छोटी थी। अंजलि की दोस्ती गांव के ही एक युवक से हो गई थी और वह उसके साथ ही रहना चाहती थी। 15 दिन पहले वह प्रेमी के साथ बाहर चली गई थी। तब उसके घरवालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अंजलि को ढूंढ निकाला। फिर थाने में सुलह समझौते के बाद अंजलि को घरवालों के साथ भेज दिया गया। इसके बाद भाइयों ने अंजलि को मौसी के घर भेज दिया था।
इसी बीच घर पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई। मां गंगोत्री ने बेटी अंजलि को मौसी के घर से बुला लिया। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले प्रेमी ने सिंदूर भेजा था, जिसे अंजलि ने गुरुवार की दोपहर अपनी मांग में लगा लिया। इसी बीच बाहर से आए बड़े भाई रामगोविंद की नजर बहन की मांग में सिंदूर पर पड़ी तो वह आपा खो बैठा।
फावड़ा उठाया और उसने बहन पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, गले और सीने पर वार करके अंजलि को मौत के घाट उतारा गया है। मां और परिवार के लोगों ने बीच बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक अंजलि की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी भाई ने फोन कर पुलिस बुलाई और हत्या की वजह बताते हुए गिरफ्तारी दे दी।