संतकबीरनगर जिले के भाकियू (भारतीय किसान यूनियन) जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय की हत्या का मुख्य आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद अयोध्या गया। वहीं नया कपड़ा खरीदा और सरयू में स्नान किया। पुराने कपड़े को सरयू में प्रवाहित कर दिया। हनुमानगढ़ी पहुंच कर प्रसाद चढ़ाया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ही घर से भागा था, लेकिन परिवार और रिश्तेदार पर पुलिस का दबाव बढ़ा तो वापस लौटा और पुलिस के हत्थे चढ़ गया। ये बातें मुख्य आरोपी अजय राय ने पुलिस की पकड़ में आने के बाद पूछताछ में बताई।
मुख्य आरोपी अजय राय ने पूछताछ में बताया कि वैसे तो कोई पुरानी रंजिश उसकी भाकियू जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय से नहीं थी, लेकिन लक्ष्मण पांडेय का गांव में काफी दबदबा था। एक बार खेत की सिंचाई के दौरान उसका लक्ष्मण पांडेय से विवाद हुआ था। वह किराने की दुकान चलाता है। लक्ष्मण पांडेय बार-बार लोगों से उसे फर्जी मुकदमे में फंसा देने की धमकी देते थे। लोग उसे बताते थे तो नागवार गुजरता था।
घटना के दिन उसकी मुलाकात जब लक्ष्मण पांडेय से हुई थी तो उसी बात को लेकर मारपीट हुई थी। उसके बाद उसने लक्ष्मण पांडेय की हत्या करने की ठान ली। देर शाम उसने शराब पी और जैसे ही चौराहे पर सब्जी खरीदने के लिए लक्ष्मण पांडेय पहुंचे तो उन्हें देखते ही भुजाली लेकर चल पड़ा।
उसने बताया कि भुजाली से लक्ष्मण पांडेय के सिर और गले पर सात बार वार किया था। जिससे मौके पर ही लक्ष्मण पांडेय की मौत हो गई। कुछ देर तक वह घटना स्थल पर रुका भी था। बाद में वह भागकर अयोध्या गया और सरयू में स्नान किया। पुराने कपड़े सरयू में फेंक दिया और नया कपड़ा खरीद कर पहना। हनुमानगढ़ी पर लड्डू भी चढ़ाया।