घेराबंदी के दौरान पथराव कर भाग गया था तौसीफ
22 मई 2022 को एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई की अगुवाई में पुलिस टीम ने तौसीफ समेत उसके साथियों को घेर लिया था। पूरे शहर में नाकाबंदी कर पुलिस टीम उसके पीछे पड़ी थी। तिवारीपुर में एक बारगी वह घिर गया था, लेकिन इसी दौरान आंधी पानी की वजह से बिजली गुल हो गई और वह पुलिस टीम पर पथराव करते हुए फरार हो गया था। इसके पहले भी उसने कई बार पुलिस टीम पर हमला किया था।
पशु के अलावा गांजा की भी तस्करी करता है तौसीफ
तौसीफ ने बताया कि सप्ताह में तीन बार पशुओं को उठाने वह अपनी टीम के साथ गोरखपुर आता था। यहां से पशुओं को उठाकर बिहार ले जाकर बेच देता था। जरूरत पड़ने पर वह गांजा की भी तस्करी करता है। तौसीफ ने पुलिस को बताया कि अपने साथी मोनू आदि के साथ गोरखपुर के सड़कों के किनारे वह गोवंश को पिकअप पर लोड करके ले जाकर बेचता है। पुलिस जब रोकने का प्रयास करती तब उनके ऊपर पथराव किया जाता। 19 मई को चिलुआताल क्षेत्र व 17 अप्रैल को विश्वविद्यालय चौराहा थाना क्षेत्र कैंट से उन्होंने गोवंश चोरी किए थे।
तौसीफ आलम ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर तीन जनवारी 2022 की रात में गुलरिहा थाना क्षेत्र के सरैया में पीआरवी व पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर तोड़ा दिया था और पशु उठा ले गए थे। उसने कहा कि वर्ष 2020 में चिलुआताल से एक और गाय चोरी की थी इसके अलावा खोराबार, पिपराइच, गुलरिहा, रामगढ़ताल आदि क्षेत्रों से कई गोवंश को उठाया है।
तौसीफ पर सात और आसिफ पर दर्ज हैं दो केस
तौसीफ आलम पर गोरखपुर में सात केस दर्ज हैं। 2020 में उसके ऊपर पहला केस हत्या के प्रयास का राजघाट थाने में दर्ज हुआ था। उसके बाद चिलुआताल में गोवध निवारण अधिनियम फिर कैंट में चोरी और आर्म्स एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, कैंट से ही उसके ऊपर गैंगेस्टर की कार्रवाई हुई थी। आसिफ के खिलाफ दोनों केस कैंट में ही हैं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि पशु तस्करों की तलाश में पुलिस टीम लगी थी। 25 हजार के इनामी तस्कर को उसके भाई के साथ पुलिस ने दबोचा है। पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया है।